जहानाबाद सदर : जिले में बंद पड़े नलकूपों को चालू कराने की घोषणा विगत चार सालों से की जा रही है. गर्मी के मौसम में जब पानी का जल स्तर काफी नीचे चला जाता है. वैसी स्थिति में लोगों में पानी के लिए हाहाकार मच जाती है और लोग सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतर आते हैं.
ऐसे वक्त में सरकार नींद से जागती है और बंद पड़े नलकूपों को चालू कराने की घोषणा करती है, जो मात्र हवा-हवाई साबित हो रही है. सरकार व जिला प्रशासन के दावों का कितना असर हुआ, इसका सबसे बड़ा प्रमाण है कि चार सालों में महज दो ही बंद पड़े नलकूप को चालू कराये जा सके. मॉनसून के भरोसे अच्छी खेती संभव नहीं है.
ऐसी स्थिति में किसानों के समक्ष खेतों की सिंचाई एक विकराल समस्या के रूप में फिर से उभर आयी है. जबकि सरकार व जिला प्रशासन बंद पड़े नलकूपों को चालू कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है. अधिकतर नलकूप 30 साल पुराने व खुले में है, जिससे शरारती तत्वों ने बोरिंग में ईंट-पत्थर डाल कर खराब कर दिया है. वहीं कई नलकूप बिजली के अभाव में तो कई ट्रांसफॉर्मर के जले रहने के कारण बंद पड़े है. इन बंद पड़े नलकूपों को चालू कराने के लिए किसान संगठनों द्वारा बराबर मांग की जाती है लेकिन इसे चालू कराने की दिशा में कभी कोई सार्थक पहल नहीं की जाती है.
