हुलासगंज के मिर्जापुर का रहने वाला है गिरफ्तार राजेश
अपने दो खाते में मंगवाये थे 6 लाख रुपये
जहानाबाद : हैदराबाद से आयी साइबर सेल की चार सदस्यीय टीम ने सोमवार को जहानाबाद में छापेमारी कर अंतरराष्ट्रीय जालसाज गिरोह के एक सदस्य राजेश कुमार को गिरफ्तार किया. पकड़ा गया युवक हुलासगंज थाना क्षेत्र के मिर्जापुर (भगवानपुर) गांव के निवासी अरुण शर्मा का पुत्र है. उसकी गिरफ्तारी जहानाबाद गांधी मैदान से पूरब राज्य संपोषित बालिका इंटर स्कूल के समीप संचालित एक टूर एंड ट्रैवल एजेंसी के पास से हुई. कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस शाम में उसे अपने साथ हैदराबाद ले गयी. साइबर सेल के इंस्पेक्टर केबीएम प्रसाद के नेतृत्व में एसआई एम कृष्णा , कांस्टेबल फिरोज और सतीश टीम में शामिल थे.
हैदराबाद साइबर सेल पुलिस ने नगर थाने में जानकारी दी कि गिरफ्तार राजेश का दोस्त असलम पटेल उर्फ समीर अजर भाईजान बांकू शहर का निवासी है. उसके गिरोह में साइबर क्राइम करने वाले कई युवक शामिल हैं. असलम उर्फ समीर दुबई के समीप के देश अजर भार्इजान के लातूर शहर का रहने वाला है जो नौकरी दिलाने के लिए क्विकर डॉट कॉम पर विज्ञापन (एड ) दिया था. विदेशों में तीन साल तक जॉब दिलाने का ऑफर देता था, जिसके जाल में हैदराबाद के उक्त पांचों बेरोजगार युवक फंस गये.
आवेदन करने वालों से जालसाजों का गिरोह ऑनलाइन बातें करता था और नौकरी दिलाने के नाम पर प्रलोभन देते हुए उसे अपने जाल में फंसाता था. बहरहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जालसाजी के इस मामले में शामिल अन्य साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस सक्रिय है. इससे संबंधित कई अहम सुराग और गिरोह के सदस्यों की जानकारी पुलिस को मिली है. नगर थाने में गिरफ्तार राजेश ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि उसके खाते में 6 लाख रुपये आये थे.
नौकरी के नाम पर पांच युवकों से 14 लाख की ठगी
इंस्पेक्टर ने बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर 14 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगा हैदराबाद निवासी शुभम, मो अकबर अली खां, श्रीकांत रेड्डी, इमरोज खां और शेख मिनाज नामक युवकों ने वर्ष 2017 के सितंबर माह में हैदराबाद थाने में मामला दर्ज कराया था. उसी वक्त से साइबर सेल की पुलिस मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही थी.
जांच के क्रम में उसके तार जहानाबाद से जुड़ा पाया गया. गिरफ्तार राजेश के एचडीएफसी और आर्इसीआर्इसीआर्इ के दो बैंक खाते में 6 लाख रुपये डाले गये थे. पुलिस के अनुसार नौकरी की ललक में ऑनलाइन आवेदन करने वाले उक्त पांचों युवकों को जालसाजों ने अजर भाई जान बुलाया था. पासपोर्ट-वीजा के साथ पांचों वहां गये. एक माह तक रहे. गिरोह के लोगों ने उनसे रुपये लिये, लेकिन नौकरी नहीं मिली. हैदराबाद लौटने पर युवकों ने अपने साथ जालसाजी की सूचना पुलिस को दी थी.
