कई इलाके में बिजली की आपूर्ति रात भर रही बंद
जहानाबाद : असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयादशमी त्योहार जिले के शहरी और ग्रामीण इलाके में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. दशहरे पर चारों ओर सौहार्द और भाईचारे का माहौल दिखा.
विधि-व्यवस्था पूरी तरह बहाल रहे इसको लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. अधिकारियों और पुलिस की सजगता का ही परिणाम रहा कि दशहरे के मौके पर कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं घटी. शहर के अलावा जिले के प्रमुख इलाकों में कुल 58 स्थानों पर दंडाधिकारी के साथ पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बलों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी. बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया था. सादे लिवास में भी पुलिसकर्मी पूरे शहर में घूम रहे थे. डीएम आलोक रंजन घोष, एसपी मनीष, एसडीओ डा0 नवल किशोर चौधरी, एएसपी संजय कुमार सिंह, एसडीपीओ प्रभात भूषण श्रीवास्तव, एएसपी अभियान अनिल कुमार सिंह, नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर एसके शाही सप्तमी से लेकर विजयादशमी तक पूरी तरह घूम-घूम कर विधि-व्यवस्था का जायजा लेते रहे. अधिकारियों की सक्रियता के कारण मेले में असामाजिक तत्वों की एक नहीं चली. लोगों ने बिना किसी डर-भय के परिवार के साथ मेले का आनंद उठाया. विजयदशमी के दिन शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. ठाकुरबाड़ी मेला स्थल पर उमड़ी भीड़ को पुलिस पदाधिकारियों ने विवेक के साथ नियंत्रित किया.
पूजा समिति के स्वयंसेवकों ने भी विधि-व्यवस्था बहाल रखने और भीड़ को नियंत्रित रखने में अपना सक्रिय योगदान दिया. लाउडस्पीकर से लगातार प्रचार कर भीड़ को अफवाहों से बचने और संयम के साथ मेला घूमने की नसीहत दी जा रही थी. नवमी को गौरक्षणी स्थित माता मांडेश्वरी मंदिर में लोगों ने सामूहिक रूप से हवन किया और शाम में आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया.
विर्सजन के लिए निकाली गयी शोभायात्रा :रविवार की देर शाम मां दुर्गें की प्रतिमाओं का विसर्जन करने के लिए शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गयी.
शोभायात्रा रात भर शहर की निर्धारित रूट वाली सड़कों से गुजरेगी और सोमवार को पूर्वाह्न दस बजे तक सभी प्रतिमाओं का विसर्जन दरधा-यमुनइया नदी के संगम में किया जायेगा. शोभायात्रा की शुरुआत ठाकुरबाड़ी स्थित बड़ी देवी की प्रतिमा के साथ हुई. श्रद्धालुओं ने पूरे भक्ति माहौल में अखाड़ों के साथ जुलूस निकाला.
जुलूस में शामिल लोग ठाकुरबाड़ी से होते हुए सट्टी मोड़, सब्जी हाट, अस्पताल मोड़, अरवल मोड़, काको मोड़, ऊंटा मोड़, मलहचक, पंचमहल्ला होते हुए निचली रोड से पुन: ठाकुरबाड़ी संगम पर पहुंचेंगे और घाट पर सोमवार को आरती -भजन के बाद सभी प्रतिमाएं विसर्जित की जायेगी. विसर्जन जुलूस को लेकर प्रशासन मुस्तैद है. जुलूस के साथ एसडीओ, एसडीपीओ और बड़ी संख्या में सशस्त्र बल साथ-साथ चल रहे हैं.
