जहानाबाद : शहर के कई वार्डों के गली-मोहल्लों से गंदे पानी के निकास का सबसे बड़ा श्रोत है अलगना पइन, जिसकी उड़ाही का मामला अधर में लटक गया है. इसका कारण है सफाई मजदूरों के द्वारा नाले की सघन उड़ाही करने से इंकार कर देना. वर्षों पुराने उक्त नाले की सफाई करने में मजदूर खतरे […]
जहानाबाद : शहर के कई वार्डों के गली-मोहल्लों से गंदे पानी के निकास का सबसे बड़ा श्रोत है अलगना पइन, जिसकी उड़ाही का मामला अधर में लटक गया है. इसका कारण है सफाई मजदूरों के द्वारा नाले की सघन उड़ाही करने से इंकार कर देना. वर्षों पुराने उक्त नाले की सफाई करने में मजदूर खतरे की आशंका से ग्रसित हैं और वे अपनी जान जोखिम में डालना नहीं चाहते.
बता दें कि नगर पर्षद क्षेत्र में कुल वार्डों की संख्या 33 है जिसमें 14 वार्डों से गंदे पानी के निकास के लिए शहर के मध्य और दक्षिण क्रमश: अलगना पइन और देवरिया नाला है. अलगना पइन शहर के बीच से गुजरी है. वार्डों का गंदा पानी इस पइन से होकर दरधा नदी में गिरता है लेकिन विडंबना है कि उक्त नाला बदहाल है . कई जगहों पर नाले की हालत जर्जर है तो कई प्रमुख स्थानों पर नाला जाम पड़ा है. वार्ड नंबर चार और पांच क्रमश: राजाबाजार और अदलूचक -दौलतपुर के इलाके में तो नाले का पक्कीकरण भी नहीं हुआ है
जहां पक्का नाला बनाया गया था वह जीर्ण-शीर्ण हालत में है . यही नाला वार्ड नंबर छह से होते हुए फिदा हुसैन रोड, मलहचक मोड़,लोक नगर होते दरधा नदी तक जाता है परंतु उक्त सभी स्थानों पर नाला पूरी तरह कीचड़ से भर कर जाम है. परिणाम यह हो रहा है कि गंदा पानी नदी की तरफ निकलने के बजाय विपरीत दिशा में बह रहा है.
ग्रामीण इलाके में खोजे जा रहे मजदूर : अलगना नाला की उड़ाही कैसे हो, इस स्थिति से निबटने के लिए अब गांव-देहात में रहने वाले सफाई कामगारों की खोज की जा रही है. यदि कुछ मजदूर तैयार भी हो जायेंगे तो उन्हें निर्धारित से ज्यादा मजदूरी का भुगतान करना होगा. इस संबंध में नगर पर्षद के उप मुख्य पार्षद मो कलामुद्दीन ने पर्षद और एनजीओ के सफाई कामगारों के द्वारा नाले की उड़ाही किये जाने से इंकार कर देने की पुष्टि की और बताया कि अब इसके लिए देहाती इलाके से सफाई कामगारों की खोज की जा रही है लेकिन वे भी तैयार नहीं हो रहे हैं. समस्या का हल निकालने की कोशिशें की जा रही है. नाले की सघन उड़ाही आवश्यक है.
जान जाने की डर से नहीं करना चाहते काम
कुछ दिनों पूर्व नगर पर्षद बोर्ड की बैठक में अलगना नाला की सघन उड़ाही कराने का निर्णय लिया गया था ताकि शहरवासियों को गंदे जलजमाव की समस्या से निजात मिल सके. उक्त नाले से वार्ड नंबर सात, नौ, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17 एवं 19 की भी गलियों का गंदा पानी निकलता है. जनहित के दृष्टिकोण से पर्षद की बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद प्रयोग के तौर पर नगर पर्षद के कुछ सफाई कामगारों को मलहचक मोड़ के समीप उड़ाही के लिए लगाया गया था. उसके लिए लंबे जूते ,टोपी और टॉर्च की व्यवस्था की गयी थी लेकिन उड़ाही की महज खानापूर्ति हुई. बताया गया है कि नगर पर्षद और एनजीओ के कामगारों ने नाला उड़ाही करने से अपने हाथ खड़े कर दिये. कारण कहा जाता है कि नाले के भीतर गैस, कांच के टुकड़े, नुकीले पत्थर और विषैले जंतुओं से अनहोनी की आशंका से मजदूर भयभीत हैं. सफाई कामगारों को चिंता सता रही है कि मलहचक पुल और फिदा हुसैन रोड के अलावा एनएच 83 के नीचे से बहने वाला नाला ऊपर से कवर्ड है. जेसीबी का प्रयोग करना संभव नहीं है. ऐसी हालत में उसमें प्रवेश कर सफाई करना जान जोखिम में डालने के समान है.