जहानाबाद : अगस्त माह में देश के विभिन्न राज्यों में हुई ट्रेन दुर्घटनाओं के मद्देनजर दानापुर रेल मंडल के डीआरएम रमेश कुमार झा ने विभाग के कई वरीय पदाधिकारियों के साथ बुधवार को पटना-गया रेलखंड का निरीक्षण किया. सुरक्षात्मक ढंग से ट्रेनों का परिचालन हो, इसे लेकर रेल मंडल प्रबंधक ने परसा बाजार से लेकर […]
जहानाबाद : अगस्त माह में देश के विभिन्न राज्यों में हुई ट्रेन दुर्घटनाओं के मद्देनजर दानापुर रेल मंडल के डीआरएम रमेश कुमार झा ने विभाग के कई वरीय पदाधिकारियों के साथ बुधवार को पटना-गया रेलखंड का निरीक्षण किया. सुरक्षात्मक ढंग से ट्रेनों का परिचालन हो, इसे लेकर रेल मंडल प्रबंधक ने परसा बाजार से लेकर चाकंद रेलवे स्टेशनों का दिनभर निरीक्षण किया. स्टेशनों के पैनल रूम में ट्रेन परिचालन कराने की व्यवस्था कैसी है,
क्या-क्या खामियां है, यात्रियों से जुड़ी क्या-क्या समस्याएं हैं, इन सभी बिंदुओं पर उन्होंने गहन निरीक्षण किया. दो डब्बों के स्पेशल सैलून से डीआरएम के साथ अधिकारियों का दल दोपहर 12:50 मिनट पर जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर उतरा.
तकरीबन 35 मिनट तक उन्होंने स्टेशन के विभिन्न विभागों का जायजा लिया. निरीक्षण के उपरांत उन्होंने कहा कि पीजी रेलखंड में सुरक्षात्मक ढंग से ट्रेनों के परिचालन के लिए सुधार की तकनीकी की जरूरत है. जहानाबाद स्टेशन पर कुछ और शंट सिग्नल की आवश्यकता है जिसे बहाल किया जायेगा. महिला यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त टिकट काउंटर बहाल किये जाने का उन्होंने भरोसा दिलाया.
माल गोदाम के जर्जर भवन को किया जायेगा नष्ट : स्पेशल सैलून से उतरते ही डीआरएम सीधे माल गोदाम में पहुंचे. वहां एप्रोच रोड की हालत देख हैरान हो गये. साथ ही माल गोदाम के जर्जर भवन को नष्ट करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया. स्टेशन प्रबंधक चौधरी नरेंद्र कुमार ने इस मौके पर बताया कि जर्जर भवन तोड़ने के लिए हुए टेंडर के बाद काम लगा था, लेकिन कानूनी पेंच में मामला लटक गया था. जो खत्म हो गया है.
बंद पड़े जेटीबीएस का शीघ्र होगा रिनुयूवल : जहानाबाद में यात्रियों को टिकट लेने के लिए स्टेशन के आसपास तीन जेटीबीएस खोला गया था जो बंद है. इस कारण स्टेशन पर भीड़ रहने के कारण यात्रियों को टिकट कटाने में बेहद कठिनाई झेलनी पड़ रही है. इस समस्या का समाधान करने के लिए डीआरएम ने बंद पड़े जेटीबीएस का शीघ्र नवीकरण करने की जानकारी दी. डीआरएम के साथ सीनियर डिविजनल ऑपरेटिंग मैनेजर पंकज कुमार गुप्ता, सीनियर डीसीएम विनीत कुमार, सीनियर सिग्नल और टेलीकॉम इंजीनियर, सीनियर डीपीओ, ट्रैक्शन और सप्लाइ के सीनियर विद्युत अभियंता एवं आरपीएफ के अस्सिटेंट कमांडेंट उनके साथ थे. स्टेशन प्रबंधक चौधरी नरेंद्र कुमार ने डीआरएम की अगवानी की .1:25 बजे वे टेहटा की ओर प्रस्थान कर गये.
कहा-जहानाबाद में कुछ शंट सिग्नल की है आवश्यकता
अवैध कब्जे के विरुद्ध चलेगा अभियान
एक तो कि गंदगी ऊपर से रेलवे परिसर में अतिक्रमण कर दुकानें संचालित किये जाने की सूचना पर डीआरएम भड़क उठे. इस मामले में उन्होंने कहा कि परिसर में किसी तरह की दुकान लगाने का कोई प्रावधान नहीं है. अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध बीच-बीच में गुप्त रूप से अभियान चलाने की उन्होंने बात कही. एक पखवारे के भीतर परिसर के वाहन पड़ाव को चालू कर देने की उन्होंने जानकारी दी.
यूएफएसबीआई का किया निरीक्षण
माल गोदाम के बाद डीआरएम पहुंचे प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित पैनल कक्ष में जहां से ट्रेनों का सेफ्टी परिचालन कराया जाता है. पैनल कक्ष में सेक्शन क्षमता बढ़ाने के लिए आठ जुलाई और 31 जुलाई 2017 को स्थापित किये गये यूएफएसबीआई ब्लाॅक का निरीक्षण किया और वहां तैनात रेलवे के स्थानीय अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिये.
बतादें कि यूएफएसबीआई ऐसी व्यवस्था है जिससे सेक्शन कैपिसिटी तो बढ़ती ही है साथ ही साथ समय की भी बचत होती है.
टिकट काउंटर व रेलवे परिसर का लिया जायजा
पैनल कक्ष से निकलने के बाद डीआरएम आगे के स्टेशन की ओर जाने के लिए सैलून में सवार होने लगे, लेकिन पत्रकारों के कहने पर वह फिर रुके और स्टेशन परिसर एवं टिकट काउंटर का जायजा लिया. परिसर में फैली गंदगी और जलजमाव देख वह हैरत में पड़ गये. उन्हें जानकारी दी गयी कि संवेदक की लापरवाही से न सिर्फ परिसर बल्कि रेलवे कॉलोनियों में जलजमाव और कीचड़ से लोगों को बेहद परेशानी होती है. महिलाओं को कपड़े उठाकर प्लेटफॉर्म तक पहुंचना पड़ता है.
इसे गंभीरता से लेते हुए डीआरएम ने साफ कहा कि इसके लिए जिम्मेदार संवेदक को हटाया जायेगा और दूसरे ठेकेदार को बहाल कर इस जटिल समस्या का शीघ्र समाधान किया जायेगा. संचालित टिकट काउंटरों का भी उन्होंने जायजा लिया और रिजर्वेशन काउंटर को छोड़ तीन अन्य काउंटरों में एक काउंटर को महिला यात्रियों के लिए बनाने का आश्वासन दिया.