मजदूरी बढ़ने से किसान परेशान बटाईदार व पट्टेदारों की कट रही चांदी

धान रोपनी के िलए छह िकलाे अनाज की मांग जहानाबाद सदर : खाद,बीज व डीजल के बढ़े दाम से परेशान किसानों की समस्याएं पीछा नहीं छोड़ रही हैं. अब अचानक मजदूरों ने अपनी मजदूरी बढ़ा दी है. इसके कारण किसानों को धान की रोपनी कराने में पसीना छूट रहा है. पहले किसानों से धान रोपने […]

धान रोपनी के िलए छह िकलाे अनाज की मांग

जहानाबाद सदर : खाद,बीज व डीजल के बढ़े दाम से परेशान किसानों की समस्याएं पीछा नहीं छोड़ रही हैं. अब अचानक मजदूरों ने अपनी मजदूरी बढ़ा दी है. इसके कारण किसानों को धान की रोपनी कराने में पसीना छूट रहा है. पहले किसानों से धान रोपने के लिए रोपनी पांच किलो तथा मोरी काटने वाला मजदूर छह किलो मजदूरी लिया करता था.
लेकिन इस बार रोपनी करने वाला छह किलो तथा मोरी काटने वाला आठ किलो प्रतिदिन मजदूरी ले रहा है. इसके कारण किसानों को धान की रोपनी कराने में अब अतिरिक्त मजदूरी खर्च देनी पड़ रही है. मजदूरों द्वारा मजदूरी बढ़ाये जाने के कारण अब इक्का-दुक्का किसान खुद खेती कर रहे हैं.अधिकतर किसान मजदूरी के झंझट से छुटकारा पाने के लिए अपनी खेती को बटाई पर दे रहे हैं या फिर पट्टीदारों को दे रहे हैं. इससे बटाईदारों एवं पट्टेदारों की चांदी कट रही है.

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