दो कमरों में होती है पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई

गड़खा : मानपुर-गड़खा मुख्य मार्ग से करीब एक किलोमीटर उत्तर गंडकी नदी के किनारे स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, भुईगांव भूमि के अभाव में भवन, किचेन शेड, चहारदीवारी आदि बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. गांव के लोगों को विद्यालय की स्थापना के 10 वर्षों बाद भी सरकारी भवन के निर्माण का इंतजार है. ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों […]

गड़खा : मानपुर-गड़खा मुख्य मार्ग से करीब एक किलोमीटर उत्तर गंडकी नदी के किनारे स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, भुईगांव भूमि के अभाव में भवन, किचेन शेड, चहारदीवारी आदि बुनियादी सुविधाओं से वंचित है.
गांव के लोगों को विद्यालय की स्थापना के 10 वर्षों बाद भी सरकारी भवन के निर्माण का इंतजार है. ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से दस वर्ष पूर्व इस गांव में प्राथमिक विद्यालय की बुनियाद रखी गयी थी, ताकि यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके. चूंकि इस गांव में कोई अन्य विद्यालय नहीं है. जिस कारण इस विद्यालय की महत्ता और भी बढ़ जाती है.
पूर्व के समय में गांव में एक भी विद्यालय नहीं होने से बच्चों को लंबी दूरी तय कर दूसरे गांव तक जाना पड़ता था. विद्यालय की स्थापना के बाद ग्रामीणों में यह उम्मीद जगी कि सरकार द्वारा विद्यालय के विकास के लिए पहल की जायेगी. लेकिन भूमि के अभाव में यह विद्यालय अबतक विकास की बाट जोह रहा है. स्थापना के समय स्थानीय लोगों की पहल पर कुछ जमीन दान में दी गयी थी, जिसमें तीन कमरे बनाये गये.
फिलहाल इन्ही कमरों में पठन-पाठन, विद्यालय का कार्यालय तथा किचेन शेड आदि चलता है. कक्षा पांच तक के बच्चों में के पढ़ाई के लिए महज दो कमरे हैं. गंडक नदी के किनारे स्थित होने के कारण बाढ़ के समय विद्यालय में दो माह तक पठन-पाठन बाधित होता है.

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