JDU Nitish Samvad: JDU ने फरक्का बराज और फरक्का जल संधि को लेकर अपनी अगली रणनीति तैयार कर ली है. पार्टी 5 सितंबर से नीतीश संवाद नाम से कार्यक्रम शुरू करने जा रही है. इसकी शुरुआत बक्सर से होगी. इस अभियान में JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा लोगों के साथ बातचीत करेंगे. पार्टी का मकसद फरक्का से जुड़े मुद्दों को आम लोगों के बीच ले जाना है.
12 जिलों तक पहुंचेगी JDU की टीम
यह अभियान सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं रहेगा. JDU के मुताबिक, गंगा के किनारे बसे बिहार के सभी 12 जिलों में अलग-अलग चरणों में कार्यक्रम किए जाएंगे.
पहले चरण में चार जिलों को शामिल किया गया है. बक्सर से इसकी शुरुआत के बाद अभियान को दूसरे जिलों तक ले जाया जाएगा.
बाढ़ से लेकर खेती तक, इन मुद्दों पर होगी बात
JDU इस संवाद के दौरान फरक्का बराज और फरक्का जल संधि के बिहार पर पड़ने वाले असर को लेकर लोगों से बात करेगा. खास तौर पर बाढ़, खेती और आम लोगों की परेशानियों को चर्चा में शामिल किया जाएगा.
प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा का कहना है कि फरक्का की वजह से बिहार को पिछले करीब 30 साल से नुकसान उठाना पड़ रहा है. पार्टी अब इसी मुद्दे को लेकर लोगों की बात सामने लाएगी.
JDU ने फरक्का को बाढ़ से जोड़ा
पार्टी ने फरक्का बराज को बिहार में बाढ़ की समस्या से भी जोड़ा है. JDU का कहना है कि बराज की वजह से गंगा में बड़ी मात्रा में गाद जमा हो रही है.
पार्टी के अनुसार, इससे नदी की गहराई और उसमें पानी रखने की क्षमता प्रभावित हुई है. इसका असर बिहार के उन इलाकों पर पड़ता है, जहां हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है.
किसानों पर भी पड़ता है असर
JDU का कहना है कि बाढ़ आने पर किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है. खेतों में लगी फसल खराब होती है और खेती-किसानी प्रभावित होती है.
इसी वजह से पार्टी फरक्का के मुद्दे को बिहार के जल और कृषि से जोड़कर देख रही है. JDU के मुताबिक, यह मामला आने वाले समय के लिए भी काफी अहम है.
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नीतीश कुमार पहले भी उठा चुके हैं सवाल
JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार लंबे समय से फरक्का बराज की वजह से बिहार को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाते रहे हैं. नीतीश कुमार ने अलग-अलग मंचों पर बिहार के पानी से जुड़े हितों की बात रखी है और फरक्का बराज के असर से राज्य को राहत दिलाने की मांग भी की है.
अब लोगों के बीच मुद्दा ले जाएगी पार्टी
नीतीश संवाद के जरिए JDU इस पूरे मुद्दे को लोगों के बीच ले जाने वाली है. पार्टी नेताओं की कोशिश होगी कि गंगा किनारे रहने वाले लोगों की समस्याओं और उनकी चिंताओं को सीधे सुना जाए. 5 सितंबर से शुरू होने वाला यह अभियान बिहार की राजनीति में फरक्का बराज के मुद्दे को कितना बड़ा बनाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी.
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