नाला निर्माण पर ग्रामीणों का हंगामा, बुडको के JE और SDO का घेराव, विरोध के बाद काम रुका

जमुई में नाला निर्माण को लेकर ग्रामीणों और बुडको अधिकारियों के बीच विवाद हो गया. ग्रामीणों ने गंदे पानी को सतगामा गांव की ओर ले जाने का विरोध करते हुए अधिकारियों का घेराव किया. विरोध के कारण नाला निर्माण का काम रोकना पड़ा.

जमुई. शहर के वार्ड संख्या पांच में डॉ सूर्यनंदन सिंह के अस्पताल के समीप बुधवार को नाला निर्माण को लेकर ग्रामीणों और बुडको के अधिकारियों के बीच विवाद हो गया. ग्रामीणों ने नाले का पानी सतगामा गांव की ओर ले जाने का विरोध करते हुए बुडको के कनीय अभियंता (जेई) और एसडीओ का घेराव कर दिया. विरोध बढ़ने के बाद नाला निर्माण का काम रोकना पड़ा.

गंदा पानी गांव की ओर ले जाने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि झाझा बस स्टैंड की ओर से आने वाले गंदे पानी को बुडको के अधिकारी सतगामा गांव की ओर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं. ग्रामीणों ने एनजीटी के नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे भविष्य में गांव और आसपास के खेतों में जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है.

ग्रामीणों का कहना था कि यदि सतगामा की ओर से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी ले जाना है, तो इसके लिए नियमानुसार नया नाला बनाया जाना चाहिए. आधे-अधूरे पुराने नाले के माध्यम से पानी ले जाने पर बारिश के समय आसपास के खेतों में दोबारा जलजमाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है.

हर साल पांच बीघा से अधिक जमीन पर नहीं हो पाती खेती

ग्रामीणों ने बताया कि जलजमाव की समस्या के कारण हर वर्ष पांच बीघा से अधिक कृषि योग्य जमीन पर खेती नहीं हो पाती है. उनका कहना है कि पहले मुख्य सड़क के किनारे नाला निर्माण की योजना थी, जिससे गंदा पानी सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाया जाना था.

ग्रामीणों का आरोप है कि अब नाले का रुख सतगामा गांव की तरफ किया जा रहा है. इससे खेतों में पानी जमा होने की समस्या फिर पैदा हो सकती है. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गंदे नाले के पानी को किऊल नदी में गिराने की मंशा से यह कवायद की जा रही है.

पुलिस बल पहुंचा, लेकिन ग्रामीण मांग पर रहे कायम

विरोध की सूचना मिलने के बाद बुडको के जेई और एसडीओ ने सिविल एसडीओ को मामले की जानकारी दी. इसके बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा. पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया. ग्रामीणों ने पुलिस के समक्ष भी अपनी समस्या रखी और नाले का पानी सतगामा की ओर ले जाने का विरोध जारी रखा. ग्रामीण अपनी मांग पर डटे रहे. इसके बाद मौके पर पहुंचा पुलिस बल वापस लौट गया.

वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ने भी उठाये सवाल

वार्ड पार्षद प्रतिनिधि पप्पू कुमार ने आरोप लगाया कि नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों के नाम पर मनमानी की जा रही है. उन्होंने कहा कि वार्ड की खाली जमीन पर जलजमाव रोकने के लिए काफी प्रयास के बाद नाला निर्माण कराया गया था. अब उसी व्यवस्था को बदलने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों पर कुछ वार्डों में प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं संचालित करने का भी आरोप लगाया. उनका कहना है कि विकास कार्य ऐसा होना चाहिए, जिससे समस्या का स्थायी समाधान हो, न कि एक स्थान की समस्या दूसरे क्षेत्र में पहुंच जाए.

ग्रामीणों के विरोध के बाद नाला भरने का काम शुरू

ग्रामीणों के विरोध और उनकी मांग के बाद फिलहाल सतगामा गांव की ओर जाने वाले नाले को भर दिया गया है. इससे नाला निर्माण को लेकर तत्काल स्थिति बदल गयी है. अब ग्रामीणों की मांग है कि नाला निर्माण और गंदे पानी की निकासी की पूरी योजना को स्पष्ट किया जाए. उनका कहना है कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी पहुंचाने के लिए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे सतगामा और आसपास के कृषि क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या न हो. मामले में ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों पर बुडको और नगर परिषद का विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद ही योजना और जल निकासी की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.

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By Rahul Kumar Singh

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