जमुई जिले के टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत काकन गांव में शुक्रवार की सुबह एक टोटो (ई-रिक्शा) चालक के साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है. हमले में गंभीर रूप से घायल टोटो चालक की पहचान हरनाहा गांव निवासी मुकुल मिस्त्री के पुत्र पंकज शर्मा के रूप में हुई है. पीड़ित ने काकन गांव के दो युवकों पर लोहे की रॉड से हमला करने और जेब से 8 हजार रुपये छीनने का आरोप लगाया है. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची डायल-112 की पुलिस टीम ने घायल चालक को इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया है.
सवारी बैठाने से मना करने पर लोहे की रॉड से हमला
सदर अस्पताल में उपचाराधीन घायल पंकज शर्मा ने बताया कि वह टोटो चलाकर अपने परिवार की आजीविका चलाता है. शुक्रवार की सुबह वह सवारी लेकर काकन गांव की तरफ जा रहा था. इसी दौरान काकन गांव निवासी जोगिंदर रविदास के पुत्र संदीप कुमार और संजय महतो के पुत्र राजा कुमार ने उस पर एक अन्य छात्र को टोटो में बैठाकर काकन ले जाने का दबाव बनाया. पंकज के अनुसार, जगह न होने या असमर्थता जताते हुए जब उसने छात्र को बैठाने से इनकार कर दिया, तो दोनों युवक आक्रोशित हो गए. आरोप है कि जैसे ही टोटो काकन गांव पहुंचा, दोनों आरोपियों ने उसे रास्ते में घेर लिया और लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर लहूलुहान कर दिया. पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसकी जेब में रखे दैनिक कमाई के 8 हजार रुपये भी छीन लिए गए.
आरोपित पक्ष की मां ने लगाया जबरन बैठाने का आरोप
दूसरी ओर, आरोपित युवकों की मां ने टोटो चालक के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए मामले में नया मोड़ ला दिया है. उनका दावा है कि टोटो चालक ही युवक को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाने की जिद कर रहा था. जब युवक ने बैठने से मना किया, तो चालक ने पहले उसके साथ बदसलूकी और हाथापाई की. इसके बाद जब चालक काकन गांव पहुंचा, तो स्थानीय स्तर पर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मारपीट की नौबत आई.
पुलिस कर रही है मामले की जांच
सवारी बैठाने को लेकर हुए इस विवाद और दोनों पक्षों की ओर से लगाए जा रहे परस्पर विरोधी आरोपों के बाद गांव में चर्चा और तनाव का माहौल है. डायल-112 की टीम द्वारा घायल को अस्पताल पहुंचाने के बाद टाउन थाना पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयानों और घटनास्थल की स्थिति की जांच की जा रही है. औपचारिक लिखित शिकायत मिलने और जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक सच्चाई सामने आएगी, जिसके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
