जय जय भैरवि असुर भयाउनि, पशुपति भामिनि माया...

शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मंगलवार को जिले के सभी दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गयी.

जमुई . शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मंगलवार को जिले के सभी दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गयी. इसके उपरांत दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया. वहीं श्रद्धालुओं ने घरों व मंदिरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया. संध्या के समय मां की आरती की गयी. इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. शारदीय नवरात्र के अवसर मंदिरों में जहां दुर्गा स्प्तशती के श्लोक गूंज रहे हैं, तो वहां घरों- बाजारों में मां भगवती के गीत से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. कहीं मैथिल कोकिल विद्यापति के भक्ति के पद -जय जय भैरवी असुर भयाउनि, पशुपति भामिनी माया…. बज रहे तो कहीं देवी की वंदना से घर-आंगन श्रद्धा व आस्था के भाव से भावित हो रहा है. वहीं शिल्पकार मां दुर्गा की प्रतिमा व पंडालों को अंतिम रूप में दे रहे हैं. मंदिर व पंडालों की ओर जाने वाली सड़कों पर तोरण द्वार लगने लगे हैं. रंग-बिरंगी लाइटें जगमग करने लगी हैं. ऐसा लग रहा है कि मां भगवती धरती पर उतर आयी हैं, और पूरी प्रकृति उत्साहित होकर उत्सव के गीत गा रही है.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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