मिट्टी-पानी-जंगल बचाने के लिए निकाली गयी पदयात्रा

पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के उद्देश्य से गुरुवार को लक्ष्मीपुर प्रखंड के धमनकुंडा गांव से मिट्टी, पानी, जंगल बचाओ पदयात्रा (फेज-III) निकाली गयी.

जमुई. पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के उद्देश्य से गुरुवार को लक्ष्मीपुर प्रखंड के धमनकुंडा गांव से मिट्टी, पानी, जंगल बचाओ पदयात्रा (फेज-III) निकाली गयी. पदयात्रा का आयोजन समग्र सेवा संस्था के तत्वावधान में स्थानीय किसान क्लब के सहयोग से किया गया. पदयात्रा की शुरुआत धमनकुंडा गांव में मुखिया नरेश कोड़ा ने पीपल का पौधा लगाकर की. इसके बाद धमनकुंडा से नवडीहा, अदवरिया, सुनारवा होते हुए भीमबांध तक यह यात्रा निकाली गयी. इस दौरान ग्रामीणों व किसानों ने सामूहिक रूप से जैविक खेती को बढ़ावा देने, जंगलों की कटाई रोकने, जल संरक्षण सुनिश्चित करने व वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले परिवारों की आजीविका मजबूत करने का निर्णय लिया. इसके साथ ही, विभिन्न गांवों में पौधारोपण कर लोगों को जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए जागरूक किया गया.

भीमबांध में लिया जंगल बचाने का संकल्प

भीमबांध पहुंचने पर ग्रामीणों ने पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर जंगल संरक्षण की सामूहिक शपथ ली. मौके पर फॉरेस्टर रवि कुमार ने महुआ सीजन के दौरान जंगल में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया और महुआ चुनने के सुरक्षित तरीके बताए. संस्था के संस्थापक सदस्य राजेश कुमार ने कहा कि जंगलों की कटाई व खेतों में रासायनिक खाद के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जतायी . पदयात्रा में वार्ड सदस्य संतन कुमार, भरत ठाकुर, मदन ठाकुर, प्रांगण मरांडी, नायक मुर्मू, संस्था कार्यकर्ता शशि, बालेश्वर यादव, दिव्यता कुमारी, पूनम कुमारी सहित सैकड़ों ग्रामीण महिला-पुरुष एवं किसान शामिल हुए. कार्यक्रम का समापन बांका की राष्ट्रीय प्रशिक्षक दिव्यता एवं लखीसराय के नंदलाल मंडल के प्रेरणादायी गीतों के साथ किया गया.

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