पुरानी पेंशन कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार: गोप गुट

बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) के जिलाध्यक्ष एवं नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के जिला संरक्षक डीसी रजक की अध्यक्षता में बुधवार को जिला परिषद सभा कक्ष में बैठक हुई.

जमुई. बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) के जिलाध्यक्ष एवं नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के जिला संरक्षक डीसी रजक की अध्यक्षता में बुधवार को जिला परिषद सभा कक्ष में बैठक हुई. बैठक में पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू कराने की दिशा में कर्मचारियों को संगठित करने और आंदोलन को तेज करने का आह्वान किया गया. बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर एनएमओपीएस के राष्ट्रीय संयोजक एवं बिहार प्रभारी प्रेम सागर मौजूद रहे. कर्मचारियों ने तालियों की गड़गड़ाहट और गर्मजोशी के साथ प्रेम सागर का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि बुढ़ापे में कमजोर शरीर की दवा है पेंशन. उन्होंने सरकार की नई पेंशन योजना (एनपीएस) की कड़ी आलोचना करते हुए इसे कर्मचारियों के भविष्य के साथ अन्याय बताया. एनएमओपीएस के जिलाध्यक्ष निरंजन कुमार ने कहा, कर्मचारी की मजबूती संगठन की मजबूती से आती है. इसके लिए प्रखंड स्तर तक जनजागरूकता अभियान चलाना जरूरी है. जिला समाहरणालय संवर्ग के अध्यक्ष कमल किशोर ने कहा, पेंशन मेरा अधिकार है, हम लेकर रहेंगे. हम भीख नहीं मांगते, अपना संवैधानिक हक मांगते हैं. बैठक में जिला सचिव अवधेश कुमार तांती ने भी सरकार पर नाराजगी व्यक्त की. बैठक में बिपिन सिंह, अनिल कुमार शर्मा, रिखी राज सिंह, गौरव कुमार समेत कई कर्मचारी नेता व प्रतिनिधि उपस्थित थे. सभी ने एक स्वर में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग दोहराई और आंदोलन को तेज़ करने का संकल्प लिया.

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By Pankaj kumar singh

पंकज कुमार सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के जमुई कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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