जमुई में कृषि योजनाओं पर सख्ती, डीएम ने तय की समय सीमा
जिले में कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है
19 मई को सहयोग शिविर में किसानों को किया जायेगा जागरूक
जमुई.
जिले में कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है. समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने स्पष्ट कहा कि सभी योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुँचना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए डीएम ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि गरमा बीज वितरण का कार्य बिना विलंब शत-प्रतिशत पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि समय पर बीज उपलब्ध नहीं होने से बुआई प्रभावित होती है, इसलिए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाये.उर्वरक प्रबंधन पर चर्चा करते हुए डीएम ने अधिकारियों को जुलाई से सितंबर के बीच बढ़ने वाली खाद की मांग को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करने का निर्देश दिया. फिलहाल जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को लेकर रणनीति बनाने पर जोर दिया गया. इसके साथ ही 19 मई को आयोजित होने वाले ‘सहयोग शिविर’ के माध्यम से किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया. ‘धरती माता बचाओ’ अभियान को भी अब अनुमंडल स्तर तक विस्तार देने का निर्णय लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक किसान मिट्टी जांच के लाभ समझ सकें और अनावश्यक खर्च से बच सकें.
ई-केवाईसी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने पर जोर
बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने पर जोर दिया. साथ ही ‘फार्मर रजिस्ट्री’ कार्य को तेजी से शुरू करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान की रजिस्ट्री में बाधा आती है तो उसका कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाये. डीएम ने एक माह के भीतर सभी लंबित कार्यों के निष्पादन की समय सीमा तय करते हुए कहा कि अब प्रत्येक सप्ताह फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की व्यक्तिगत समीक्षा की जायेगी. बैठक के अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि कृषि विभाग की हर योजना का लाभ अंतिम पंक्ति के किसान तक हर हाल में पहुँचाना सुनिश्चित करें.