कभी नक्सल प्रभाव के कारण विकास से कोसों दूर था बरहट का गुरमाह गांव, अब बदलाव की बयार
बरहट. प्रखंड का गुरमाह गांव, जो कभी नक्सल प्रभाव के कारण विकास से कोसों दूर था. अब बदलाव की नयी कहानी लिखने को तैयार है. वर्षों तक भय और अविकास के साए में जीने वाले इस गांव में अब बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है. जिला प्रशासन की सक्रियता और योजनाओं के धरातल पर उतरने से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव साफ नजर आने लगा है. गर्मी के मौसम में पानी की समस्या यहां के लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती रही है. गांव में शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को नदी से पानी लाना पड़ता था. इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर गांव में पहली बार फिल्टर युक्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की गयी है. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की ओर से हर घर नल-जल योजना के तहत गांव में तेजी से काम किया जा रहा है. अब तक दर्जनों घरों तक पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और अधिकांश घरों में नल भी लगाये जा चुके हैं. कार्य अंतिम चरण में है और विभागीय अधिकारियों के अनुसार अगले सप्ताह से जल आपूर्ति शुरू कर दी जायेगी.सोलर ऊर्जा के माध्यम से योजना संचालित करने की तैयारी
गांव में बिजली की अनुपलब्धता को देखते हुए इस योजना को सोलर ऊर्जा के माध्यम से संचालित करने की तैयारी की गयी है. इसके लिए सोलर सिस्टम स्थापित किया किया गया है. जिससे बिना बिजली के भी नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके. इस योजना को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक उन्हें पीने के पानी के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. महिलाएं और बच्चे रोजाना कई किलोमीटर दूर से पानी ढोने को मजबूर थे. लेकिन अब घर तक पानी पहुंचने की खबर से उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है. उनका मानना है कि इस योजना से न केवल उनकी दिनचर्या आसान होगी, बल्कि स्वास्थ्य में भी सुधार आयेगा. गौरतलब है कि गुरमाह गांव करीब एक दशक तक नक्सल गतिविधियों की चपेट में रहा, जिसके कारण यहां विकास कार्य लगभग ठप हो गए थे. सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी लोगों को उपलब्ध नहीं हो पाई थीं. लेकिन अब स्थिति सामान्य होने के साथ ही प्रशासन का ध्यान इस क्षेत्र की ओर बढ़ा है और धीरे-धीरे विकास कार्य गति पकड़ रहे हैं.नियमित संचालन पर विशेष ध्यान
पीएचईडी विभाग के जेई मसरूर आलम ने बताया कि हर घर नल-जल योजना के तहत काम तेजी से किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है और बहुत जल्द गांव के सभी घरों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दी जायेगी. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि योजना के रखरखाव और नियमित संचालन पर विशेष ध्यान दिया जायेगा, ताकि ग्रामीणों को निरंतर लाभ मिल सके.
