भगवामय हुआ शहर, जय श्रीराम, जय हनुमान के घोष से गूंजा कोना-कोना
जिले भर में रविवार को रामनवमी पर्व श्रद्धा भाव से मनाया गया. सुबह से ही शहर के महाराजगंज चौक, कचहरी चौक, गांधी पुस्तकालय, पंचमंदिर, कल्याणपुर, पुरानी बाजार सहित अन्य हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना व ध्वजारोहण कर मंगलकामना का आशीर्वाद मांगा.
जमुई. जिले भर में रविवार को रामनवमी पर्व श्रद्धा भाव से मनाया गया. सुबह से ही शहर के महाराजगंज चौक, कचहरी चौक, गांधी पुस्तकालय, पंचमंदिर, कल्याणपुर, पुरानी बाजार सहित अन्य हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना व ध्वजारोहण कर मंगलकामना का आशीर्वाद मांगा. साथ ही की भीड़ उमड़ पड़ी. इस दौरान हर ओर जय श्रीराम व जय हनुमान के नारे गूंजते रहे. रामनवमी को लेकर एक-दो दिन पूर्व से ही शहरवासियों में ऊंचे-ऊंचे बांस खरीदने की होड़ लगी थी. साथ ही बजरंगबली के रामनाम वाले ध्वज से शहर पटा पड़ा था. रविवार की सुबह से लोगों ने अपने-अपने घरों के आगे आम पत्ते व छोटे-छोटे महावीरी ध्वज को अपने घर पर सजाया. शंख ध्वनि और मंत्रोच्चारण के बीच लोगों ने दिन भर ध्वजारोहण किया. दोपहर में जमुई शहर के महाराजगंज मोहल्ला स्थित महावीर प्रताप दल ने शोभायात्रा निकाली. शहर में भ्रमण करते हुए इस शोभायात्रा में युवाओं की टोली ढोल, मांदर की थाप पर अपने कला का प्रदर्शन किया. इस दौरान शांति समिति के सदस्य के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल आगे-आगे चल रहे थे.
प्रशासन रहा अलर्ट
रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर जिला तथा पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में रहा. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा, पुलिस अधीक्षक मदन कुमार आनंद, एसडीओ अभय कुमार तिवारी, एसडीपीओ सतीश सुमन, बीडीओ, सीओ सहित अन्य पदाधिकारी पुलिस बल के साथ शहर में फ्लैग मार्च करते रहें. साथ ही संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील सहित शहर के सभी चौक-चौराहों पर पुलिस बल को तैनात किया गया था.अखाड़ा में युवाओं ने दिखाये करतब
महावीर प्रताप दल की ओर से निकाले गयी अखाड़ा शोभायात्रा में युवाओं ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाये. इस दौरान युवाओं की टोली ने लाठी, भाला, फरसा, तलवार सहित अन्य पारंपरिक हथियार के साथ करतब दिखाकर लोगों को मन मोह लिया. अखाड़ा जुलूस में युवाओं के साथ छोटे-छोटे बच्चों ने भी करतब दिखाये.राम-लक्ष्मण व हनुमान थे आकर्षण का केंद्र
अखाड़ा शाेभायात्रा में कलाकारों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण व राम भक्त हनुमान के रूप को धारण किया था जो लोगों का आकर्षण का केंद्र बना रहा. रथ पर सवार राम-लक्ष्मण व हनुमान को देखने के लिये भारी संख्या में महिलाएं तथा पुरुष अपने-अपने घरों की छत तथा दरवाजे के समीप जुटे थे. वहीं अखाड़ा शोभायात्रा में शामिल लोगों के लिए जगह-जगह पर पीने के लिए पानी की व्यवस्था की गयी थी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
