जमुई. जिले में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. जिला पदाधिकारी श्री नवीन के निर्देश पर गठित विशेष धावा दल ने खैरा प्रखंड में छापेमारी कर एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया. मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी नियोजक के विरुद्ध बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है. जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बच्चों का स्थान काम पर नहीं, बल्कि स्कूल में है. उन्होंने श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया कि पैन इंडिया रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन अभियान के तहत जिले के ढाबों, ईंट-भट्ठों, मोटर गैराजों और अन्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जाये. विमुक्त कराये गये बच्चे के पुनर्वास को लेकर भी प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई है. जिला पदाधिकारी ने जिला टास्क फोर्स को निर्देश दिया है कि ऐसे बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर शिक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाये.साथ ही, जिला पदाधिकारी ने सभी नियोजकों और नगर परिषद क्षेत्र के दुकानदारों को चेतावनी दी है कि वे अपने संस्थानों का श्रम विभाग में अनिवार्य निबंधन कराएं और बाल श्रम न कराने का शपथ पत्र जमा करें. उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रमिक कार्य करते दिखें, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि जिले को बाल श्रम मुक्त बनाया जा सके.
खैरा में छापेमारी कर बाल श्रमिक को कराया गया मुक्त
जिले में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. जिला पदाधिकारी श्री नवीन के निर्देश पर गठित विशेष धावा दल ने खैरा प्रखंड में छापेमारी कर एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया.
