Jamui News: झाझा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, ताराकुरा के प्रभारी प्रधानाध्यापक कर्मशील कुमार पर विद्यालय परिसर में हुए कथित बर्बर हमले के पांच दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से शिक्षक समुदाय में भारी आक्रोश है. बिहार विशिष्ट अध्यापक प्रधान शिक्षक संघ ने आपात बैठक कर पुलिस प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षक व्यापक आंदोलन करेंगे.
महात्मा गांधी विद्यालय परिसर में हुई आपात बैठक
शुक्रवार को झाझा प्रखंड मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी विद्यालय परिसर में बिहार विशिष्ट अध्यापक प्रधान शिक्षक संघ की आपात बैठक आयोजित की गई.
बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह ने की. बैठक में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए और सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए गए.
डीएम और एसपी से की सुरक्षा व्यवस्था की मांग
बैठक में शिक्षकों ने जमुई के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से जिले के सभी विद्यालयों में शिक्षकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता व्यवस्था करने की मांग की.
साथ ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पीड़ित प्रभारी प्रधानाध्यापक कर्मशील कुमार का तत्काल स्थानांतरण करने की भी मांग उठाई गई.
"यह हमला पूरे शिक्षा तंत्र पर प्रहार"
प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह ने कहा कि विद्यालय परिसर में एक शिक्षक को दौड़ाकर लाठी-डंडों और पत्थरों से पीटना अत्यंत गंभीर और शर्मनाक घटना है.
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
उनके अनुसार यह हमला केवल एक शिक्षक पर नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र और शिक्षकों की गरिमा पर हमला है.
दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो होगा आंदोलन
शिक्षक नेता सुरेंद्र यादव और युगल किशोर यादव ने कहा कि घटना में शामिल सभी असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करता है, तो हजारों शिक्षक सड़क पर उतरकर व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
Jamui News:बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद
बैठक में युगल किशोर यादव, सुरेंद्र कुमार यादव, मनोज रंजन, आर्यन वर्णवाल, त्रिलोकी पंडित, नागेश्वर तुरी, सतेंद्र पासवान, पंकज कुमार, शिवम केसरी, प्रमोद पंडित, नित्यानंद कुमार, सुबोध यादव, सूरज कुमार, बिंदु कुमारी, चांदनी कुमारी, ज्योति कुमारी, स्वेता कुमारी, नूतन कुमारी और तरुणा कुमारी सहित दर्जनों शिक्षक उपस्थित रहे.
ताराकुरा विद्यालय की यह घटना अब शिक्षक सुरक्षा के बड़े सवाल के रूप में सामने आ रही है और जिले भर के शिक्षक प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं.
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