युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं स्वामीजी के आदर्श

भारतीय अध्यात्म और संस्कृति को वैश्विक पटल पर स्थापित करने वाले युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाते हुए सोमवार को उन्हें याद किया गया.

सोनो. भारतीय अध्यात्म और संस्कृति को वैश्विक पटल पर स्थापित करने वाले युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाते हुए सोमवार को उन्हें याद किया गया. सोनो निवासी इतिहासकार डॉ सुबोध गुप्ता ने स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे अपने उच्च विचारों, आदर्शों और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने हमेशा युवाओं की शक्ति को पहचाना और उन्हें अपने जीवन का उद्देश्य खोजने की प्रेरणा दी. यह दिन युवाओं को प्रेरित करने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है. ””””उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो”””” उनके ये शब्द आज भी हर युवा के जीवन में नई ऊर्जा और साहस भरते हैं. उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का विश्वास था कि यदि युवाओं में आत्मबल और अनुशासन हो तो भारत को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता. युवा शक्ति देश के विकास का आधार है. यदि युवा अपने विचारों और कार्यों को सही दिशा में लगाए तो भारत हर क्षेत्र में तरक्की कर सकता है. राष्ट्रीय युवा दिवस हमें याद दिलाता है कि हर युवा में असीम संभावनाएं छिपी होती हैं. आज के युवा पर न केवल अपने भविष्य को सुंदर तरीके से गढ़ने का दायित्व है बल्कि देश और समाज को आगे ले जाने की भी जिम्मेदारी है.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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