सीजेएम द्वारा किया गया मंडल कारा का औचक निरीक्षण, सुनी बंदियों की समस्याएं

सीजेएम द्वारा किया गया मंडल कारा का औचक निरीक्षण,

फोटो 6 मंडल कारा का निरीक्षण करते सीजेएम ़ जमुई. न्याय व्यवस्था को अधिक संवेदनशील और मानवीय बनाने की दिशा में जमुई मंडल कारा का औचक निरीक्षण किया गया. यह निरीक्षण जमुई के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिलीप कुमार राय द्वारा किया गया, जिसमें जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली, बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं तथा सुरक्षा व्यवस्था का गहन जायजा लिया गया. निरीक्षण के दौरान सीजेएम ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बैरकों की साफ-सफाई व बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की. उन्होंने जेल अस्पताल पहुंचकर बीमार बंदियों के इलाज, दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कई बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. सीजेएम ने कहा कि जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी है. ऐसे में बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा और उन्हें कानूनन मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया. आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और पौष्टिक भोजन की निरंतर व्यवस्था बनाए रखने तथा जेल में भीड़ की समस्या कम करने के लिए छोटे एवं जमानती मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई. इस औचक निरीक्षण को न्यायिक व्यवस्था की सक्रियता और संवेदनशीलता का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है. इससे यह संदेश गया है कि न्याय प्रणाली केवल सजा तक सीमित नहीं, बल्कि सुधारात्मक व्यवस्था को मजबूत बनाने और बंदियों के अधिकारों की रक्षा के प्रति भी गंभीर है.

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