पिता को न्याय दिलाने के लिए लगातार भूखे-प्यासे कोर्ट में पड़ी रहती थी- विद्या

जिले के सिमुलतला निवासी पत्रकार गोकुल कुमार हत्याकांड मामले में मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है.

जमुई . जिले के सिमुलतला निवासी पत्रकार गोकुल कुमार हत्याकांड मामले में मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. मंगलवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया है, जिसके बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया है. गौरतलब है कि बीते 11 दिसंबर को मामले में आखिरी सुनवाई की गयी थी और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. फैसले के वक्त मंगलवार को कोर्ट परिसर में गोकुल का परिवार भी मौजूद रहा. इस दौरान पत्रकार गोकुल कुमार की पुत्री विद्या विनयम ने कहा कि आज कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है, उससे आज मेरे परिवार को इंसाफ मिला है. विद्या ने कहा कि मेरे पिता की हत्या के बाद से हम लोग लगातार उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए प्रयासरत थे. लगातार कोर्ट में भूखे प्यासे पड़े रहना, हर रोज इंसाफ की उम्मीद लिए कोर्ट आना और अथक परिश्रम का परिणाम आज सामने आया है. आज हमें इंसाफ मिला है तो यह केवल मेरे पिता के लिए न्याय नहीं है, बल्कि यह देश के सभी पत्रकारों के लिए लिया गया एक फैसला है. उसने कहा कि अपने पिता की हत्या के बाद से हमने न्यायपालिका पर भरोसा जताया था. आज हमारा वह भरोसा सही साबित हुआ है. इसके लिए मैं न्यायपालिका का धन्यवाद देना चाहूंगी. इस दौरान गोकुल के भाई तथा परिवार के अन्य लोग भी कोर्ट परिसर में ही मौजूद रहे. अभियोजन पक्ष की तरफ से अपर लोक अभियोजक विद्वान अधिवक्ता चंद्रभानु सिंह तथा सत्यजीत कुमार उर्फ बंटी सिन्हा ने अपना पक्ष रखा. जबकि बचाव पक्ष की तरफ से विद्वान अधिवक्ता श्यामदेव सिंह तथा सीताराम सिंह ने आपका पक्ष रखा.

10 अगस्त 2022 को हुई थी गोकुल की हत्या

बताते चलें कि 10 अगस्त 2022 को पत्रकार गोकुल कुमार की अपराधियों ने हत्या कर दी थी. घटना के दिन को सुबह 10:30 बजे के करीब गोकुल समाचार संकलन के लिए अपने घर से लोहिया चौक की तरफ जा रहा था. इस दौरान रेलवे गुमटी के पास अपराधियों ने गोकुल को गोली मार दी थी. घटना के बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई थी. घटना को लेकर आपसी रंजिश वजह बताई गई थी. सिमुलतला निवासी अजय यादव के साथ उसका विवाद चल रहा था. हत्या से करीब दो हफ्ते पहले 26 जुलाई 2022 को उसने व्हाट्सएप के जरिये अजय यादव को मैसेज भेज कर समझौते की पेशकश भी की थी. अपने भेजे गए संदेश में गोकुल ने लिखा था कि अजय यादव और गोकुल के बीच कोई तीसरा रिश्ता खराब करने की कोशिश कर रहा है. उसने कहा था की ऐसी कोई बात नहीं है, हम अगर एक साथ बैठेंगे तो हमारे बीच की सारी गलतफहमियां दूर हो जाएंगी. उसने अजय यादव से पेशकश भी की थी. हालांकि इस बारे में अजय यादव ने उसे कोई जवाब नहीं दिया था. जिसके बाद उसने अजय यादव के एक मित्र को भी मैसेज कर उससे बात करने की पेशकश की थी.

घटना के बाद लोगों ने सड़क पर किया था प्रदर्शन

बताते चलें कि पत्रकार गोकुल की हत्या के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा था. हत्या के बाद लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया था और इस मामले में त्वरित कार्रवाई की भी मांग की थी. पुलिस ने समय-समय पर मामले में संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी भी की और करीब साढ़े तीन साल बाद मामले में फैसला आया है. घटना के बाद तत्कालीन सांसद तथा वर्तमान में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, पप्पू यादव सहित कई बड़े नेता और अन्य लोग भी गोकुल के घर पहुंचे थे. घटना के बाद लगातार गोकुल का परिवार मामले में न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा रही थी. फैसले के बाद गोकुल के परिवार के साथ-साथ जिले भर के पत्रकारों ने भी कोर्ट के इस फैसले पर हर्ष जाहिर किया है. उन्होंने कहा कि आखिरकार न्याय की जीत हुई है.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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