द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन को साइकिल से यात्रा कर रहे संजीव

आठ महीने उन्नीस दिन में अब तक ग्यारह ज्योतिर्लिंग के कर चुके हैं दर्शन

जमुई. भगवान महादेव का एक भक्त पिछले 8 महीने 19 दिनों से साइकिल यात्रा पर निकला है. पैरों में बिना चप्पल यह शख्स साइकिल से ही भगवान महादेव के सभी स्वरूप का दर्शन करने को यात्रा कर रहा है. अब तक ग्यारह ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर यह शख्स शनिवार को जमुई पहुंचा, जहां से अपनी आगे की यात्रा पर रवाना हो गया. दरअसल उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के शामली तहसील के खेड़ा मस्तान गांव का रहने वाला युवक संजीव कुमार अपनी साइकिल से द्वादश ज्योतिर्लिंग की यात्रा पर निकला है. आठ महीने पहले उसने दिल्ली से अपनी यात्रा शुरू की थी और देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित भगवान महादेव के ग्यारह ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर वह काशी विश्वनाथ की यात्रा पर निकल पड़ा है. संजीव ने बताया कि वह प्रतिदिन बारह से चौदह घंटे साइकिल चलाता है और पूरे दिन अन्न ग्रहण नहीं करता है. संजीव केवल रात में खाना खाता है, और वह खाना भी बिना प्याज लहसुन के शुद्ध सात्विक खाना होता है. संजीव ने बताया कि किसी दिन अगर उसे सात्विक खाना ना मिले तो वह भूखे ही सो जाता है.

बचपन से ही अनाथ है संजीव, साउथ एक्टर के परिवार ने पालन पोषण में की मदद

संजीव ने बताया कि उसका जन्म तमिलनाडु में हुआ था, और उसके माता-पिता सर्कस में मौत का कुआं में गाड़ी से स्टंट दिखाते थे. इसी दौरान एक दिन स्टंट के दौरान दुर्घटना हुई और उसके माता-पिता की मौत हो गयी. बचपन में ही संजीव अनाथ हो गया. इसके बाद साउथ सुपरस्टार थलपति विजय और उनके परिवार ने उसे एक आश्रम को गोद दे दिया तथा उसकी पढ़ाई लिखाई सहित अन्य चीजों का खर्चा उठाया. चौदह साल की उम्र में संजीव दिल्ली चला आया, जहां वह तरह-तरह के काम करने लगा. अपनी यात्रा शुरू करने से पहले संजीव दिल्ली में पेंटिंग का काम करता था. इसके बाद उसके मन में महादेव के दर्शन की कामना हुई और वह अपना काम छोड़कर घर से निकल गया.

राजस्थान में चोरी हुई साइकिल, गुजरात के युवक ने की मदद

संजीव ने बताया कि अपने यात्रा के दौरान जब वह राजस्थान से गुजर रहा था तब एक रात वह अपनी साइकिल लगाकर ढाबा के बाहर सो रहा था. इसी बीच किसी ने उसकी साइकिल चोरी कर ली. साइकिल चोरी होने के बाद भी उसने अपनी यात्रा जारी रखी और वह पैदल ही अपनी यात्रा पूरी करने निकल पड़ा. संजीव करीब पांच दिन तक पैदल ही चलता रहा. इसी बीच गुजरात के रहने वाले कल्पेश नामक युवक ने उसकी मदद की और उसे एक नयी साइकिल खरीदकर दी. इसके बाद संजीव ने दुबारा अपनी यात्रा शुरू की. संजीव ने बताया कि वो यहां से काशी विश्वनाथ के दर्शन करेगा. इसके उपरांत वह प्रयागराज में महाकुंभ में स्नान करने के उपरांत साइकिल से ही नेपाल के पशुपति नाथ मंदिर के दर्शन करेगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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