चंद्रमंडीह : चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र की कियाजोरी पंचायत के पेसरहा गांव निवासी तारणी शाह की सात वर्षीय पुत्री सीमा कुमारी की बलिया डाबर बालू घाट में डूबने से मौत के बाद बालू खनन की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं. घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि घाट पर खनन के दौरान नियमों की अनदेखी किये जाने की शिकायत पहले ही संबंधित विभाग से की गयी थी, लेकिन इसके बावजूद समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गयी.
बालू उठाव के बाद बने बड़े-बड़े गड्ढे
स्थानीय लोगों के अनुसार बलिया डाबर बालू घाट पर बालू उठाव के बाद कई जगहों पर बड़े और गहरे गड्ढे बन गये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि इन गड्ढों में पानी जमा रहने के कारण आसपास के लोगों और बच्चों के लिए खतरा बना रहता है.
कुलदीप दास सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि घाट पर खनन के दौरान नियमों की अनदेखी किये जाने की जानकारी संबंधित विभाग को पत्र के माध्यम से दी गयी थी. ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद यदि समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाती, तो ऐसी घटना को टाला जा सकता था.
सुरक्षा मानकों की जांच की मांग
सात वर्षीय बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों में इस मामले को लेकर आक्रोश है. ग्रामीणों ने बालू घाट पर खनन के दौरान निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच कराने की मांग की है.
ग्रामीणों का सवाल है कि पूर्व में शिकायत मिलने के बावजूद घाट पर सुरक्षा व्यवस्था और खनन के नियमों की जांच क्यों नहीं की गयी. लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से घाट पर बने गड्ढों समेत खनन प्रक्रिया की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.
