सरौन (जमुई). सनातन धर्म रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह महामंडलेश्वर आवाहन अखाड़ा के संत आचार्य प्रकाशानंद जी महाराज ने चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. जमुई में प्रभात खबर से बातचीत में उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि वित्तीय अनियमितता साबित होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
सीबीआई जांच कराने की मांग
आचार्य प्रकाशानंद जी महाराज ने कहा कि मामले को लेकर अलग-अलग आरोप और संदेह सामने आ रहे हैं. ऐसे में निष्पक्ष जांच जरूरी है. उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की, ताकि आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सके.
उन्होंने कहा कि संत समाज की मांग है कि मामले से जुड़े आरोपों और संदेहों की जांच के लिए चंपत राय का नार्को टेस्ट भी कराया जाए. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं है.
जांच के बाद ही सामने आएगा सच
आचार्य प्रकाशानंद ने कहा कि संत समाज इस मामले में चुप बैठने वाला नहीं है. जब तक पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हो जाता, तब तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सत्य एवं न्याय की आवाज उठाई जाती रहेगी.
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं, आरोप गलत पाए जाने पर यह भी जांच के जरिए स्पष्ट होना चाहिए.
सत्य और न्याय के पक्ष में जारी रहेगा प्रयास
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना और जांच से पहले उसे दोषी मान लेना उचित नहीं है. निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है. संत समाज का उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाना है. उन्होंने कहा कि सत्य और न्याय के लिए संत समाज अपनी आवाज लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाता रहेगा.
