झाझा. बिहार सरकार के महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से संचालित मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत झाझा में स्थापित वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) क्षेत्र की महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है. इस केंद्र के माध्यम से जरूरतमंद एवं पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर त्वरित और समग्र सहायता उपलब्ध करायी जा रही है, जिससे उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ता. झाझा-जमुई मुख्य सड़क के सोहजना मोड़ स्थित पुराने प्रखंड कार्यालय भवन में इस केंद्र का शुभारंभ आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर किया गया था. केंद्र की प्रभारी चिंता देवी ने बताया कि यह जिले का दूसरा वन स्टॉप सेंटर है और इससे आसपास के क्षेत्र की महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है. उन्होंने बताया कि केंद्र पर महिलाओं को चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता, अस्थायी आश्रय, पुलिस सहायता तथा मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक परामर्श जैसी सभी आवश्यक सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध करायी जा रही हैं. इससे घरेलू हिंसा, उत्पीड़न या अन्य संकट की स्थिति से गुजर रही महिलाओं को तत्काल मदद मिल रही है.
मानसिक तनाव झेल रही महिलाओं के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था
प्रभारी ने यह भी बताया कि अभी इस केंद्र के बारे में लोगों में जागरूकता की कमी है. इसे लेकर विभिन्न संस्थाओं के प्रमुखों से संपर्क कर जानकारी दी जा रही है. अब तक दर्जनों महिलाएं काउंसलिंग के लिए आ चुकी हैं, लेकिन पंजीकरण के रूप में अब तक एक ही मामला दर्ज हुआ है. केस वर्कर मानसी बरनवाल ने बताया कि केंद्र पर आने वाली प्रत्येक महिला की समस्या को गंभीरता से सुना जाता है और आवश्यकतानुसार उचित सहायता प्रदान की जाती है. वहीं, काउंसलर पूजा कुमारी ने कहा कि मानसिक तनाव या सामाजिक समस्याओं से जूझ रही महिलाओं के लिए विशेष काउंसलिंग की व्यवस्था की गयी है, जिससे वे मानसिक रूप से सशक्त बन सकें.
हेल्पनंबर भी किया गया जारी
महिलाओं की सहायता के लिए 181 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है. इस नंबर पर कॉल करने के बाद मामलों को ओएससी झाझा में ट्रांसफर कर उनकी निगरानी की जाती है और आवश्यक सेवाएं मुहैया कराई जाती हैं. झाझा में वन स्टॉप सेंटर की स्थापना से क्षेत्र की महिलाओं में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ा है. यह केंद्र न केवल संकटग्रस्त महिलाओं के लिए सहारा बन रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है.
