जमुई . रविवार दोपहर जैसे ही मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 92 वर्षीय महान गायिका आशा भोंसले के निधन की खबर सामने आई, जिले भर में शोक की लहर दौड़ पड़ी. संगीत प्रेमियों के बीच उदासी छा गई और लोग उनके गीतों को याद कर भावुक हो उठे. वर्षों तक अपनी मधुर और बहुरंगी आवाज से श्रोताओं के दिलों पर राज करने वाली इस महान गायिका के जाने से संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है. खैरा प्रखंड के सिंगारपुर गांव के संगीत शिक्षक देवी सिंह ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि फिल्म तीसरी मंजिल के गीत ””आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा”” से मिली पहचान के बाद आशा भोंसले ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने हर तरह के गीतों में अपनी अलग छाप छोड़ी, चाहे वह तेज धुन वाले गीत हों, मंच गीत हों या फिर भावपूर्ण गजलें. उनकी आवाज में ऐसी मिठास और ऊर्जा थी, जो हर वर्ग और हर पीढ़ी को आकर्षित करती रही. गायक भवानी पांडेय ने कहा कि दम मारो दम, पिया तू अब तो आजा, ये मेरा दिल, शरारा-शरारा, रंगीला रे और दो लफ्जों की है दिल की कहानी जैसे गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं और आने वाले समय में भी अमर रहेंगे. उन्होंने कहा कि आशा भोंसले ने अपने गीतों के माध्यम से न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में हिंदी और मराठी संगीत को पहचान दिलाई. उनकी आवाज हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.
प्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोंसले को कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि
रविवार दोपहर जैसे ही मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 92 वर्षीय महान गायिका आशा भोंसले के निधन की खबर सामने आई, जिले भर में शोक की लहर दौड़ पड़ी.
