25 साल बाद चोरमारा में लगा जनकल्याण शिविर

ग्रामीणों ने इसे 25 साल में पहली बार मिला बड़ा प्रशासनिक सहयोग बताते हुए जतायी खुशी

जमुई. जिले के चोरमारा गांव में 25 वर्षों बाद प्रशासन की बड़ी पहल देखने को मिली, जिसने स्थानीय लोगों के जीवन में नयी ऊर्जा और उम्मीद जगायी. लंबे समय से उपेक्षित इस क्षेत्र में पहली बार इतने बड़े स्तर पर जनकल्याण शिविर लगाया गया. इसका नेतृत्व अनुमंडल अधिकारी सौरव कुमार ने किया. इस शिविर में एडीएम रविकांत सिन्हा की भी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम की गंभीरता और प्रशासनिक प्राथमिकता स्पष्ट दिखायी दी. शिविर के दौरान ग्रामीणों को कई महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं गांव में ही उपलब्ध करायी गयी. इसमें राशन वितरण, ई-केवाईसी अपडेट, राशन कार्ड सुधार और नवनिर्माण कार्य, तथा अन्य आवश्यक सेवाएं शामिल थीं. ग्रामीणों ने 25 साल में इसे पहली बार मिला बड़ा प्रशासनिक सहयोग बताते हुए खुशी जतायी. उन्होंने कहा कि पहले ऐसी सुविधाओं के लिए उन्हें कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, लेकिन पहली बार सबकुछ एक ही जगह पर उपलब्ध कराया गया.

एसडीओ सौरव कुमार ने दो माह पहले अक्तूबर में चोरमारा दौरे के दौरान ग्रामीणों से वादा किया था कि प्रशासन उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करेगा और अनाज वितरण तथा राशन कार्ड संबंधी सभी दिक्कतों का समाधान शिविर लगाकर किया जाएगा. जनकल्याण शिविर ने उस वादे को पूरा कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में प्रशासन सभी विकास कार्यों पर नियमित रूप से निगरानी रखेगा और अन्य सुविधाओं को भी चरणबद्ध तरीके से यहां पहुंचाया जाएगा.

सीआरपीएफ ने बखूबी निभायी सुरक्षा व सहयोग की जिम्मेदारी

शिविर की सफलता में सुरक्षा और सहयोग की जिम्मेदारी सीआरपीएफ 215वीं बटालियन ने बखूबी निभायी. कमांडेंट विनोद कुमार, असिस्टेंट कमांडेंट विजय कुमार और शंभू पांडेय के नेतृत्व में सीआरफीएफ के जवानों ने शिविर स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और प्रशासनिक टीम को सहायता प्रदान की. उनकी सक्रियता के कारण पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक, सुव्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संपन्न हुआ. एडीएम रविकांत सिन्हा की मौजूदगी ने शिविर को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया. प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति से ग्रामीणों को भरोसा मिला कि सरकार की योजनाएं अब वास्तव में उन तक पहुंचने लगी हैं. चोरमारा जैसे दूरस्थ और संसाधन-विहीन क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविर का आयोजन प्रशासन की संवेदनशीलता, गंभीरता और सेवा भाव को दर्शाता है. ग्रामीणों का मानना है कि इस शिविर से उनके लिए नये अवसर बने हैं और उम्मीद जतायी कि भविष्य में भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे, जिससे वर्षों से जारी मूलभूत समस्याओं का समाधान सुनिश्चित हो सकेगा.

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By Pankaj kumar singh

पंकज कुमार सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के जमुई कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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