बरहट. ग्रामीण बच्चों को खेल की आधुनिक सुविधाएं देने का सपना अब सपना ही बनता जा रहा है. पंचायतों में खेल मैदान बनाने की सरकारी योजना कागजों पर दौड़ रही है, जबकि जमीन पर काम अधूरा ही है. सरकार की मंशा थी कि हर पंचायत में खेल मैदान तैयार हो, ताकि गांव के बच्चे भी बास्केटबॉल, बैडमिंटन और वॉलीबॉल जैसे खेलों में अपनी प्रतिभा निखार सके. इसके लिए मनरेगा योजना से प्रति पंचायत 9.90 लाख रुपये स्वीकृत किये गये. लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बरहट पंचायत को छोड़कर बाकी आठ पंचायतों में निर्माण कार्य अधूरा है या शुरू होते ही जर्जर हो चुका है. तय समय सीमा समाप्त हो चुकी है, फिर भी मैदान तैयार नहीं हुआ. हैरानी की बात यह है कि प्राक्कलित राशि का बड़ा हिस्सा निकाला जा चुका है, बावजूद इसके मैदान उपयोग के लायक नहीं है.
कहां-कहां अधूरा पड़ा है काम
बरियारपुर पंचायत के मोहनपुर गांव, डाढ़ा पंचायत के उच्च विद्यालय लथलथ, गुगुलडीह पंचायत के उत्क्रमित उच्च विद्यालय परिसर, कटौना पंचायत के राजकीय बुनियादी विद्यालय, लखैय पंचायत के सुगवामहुआ विद्यालय, मलयपुर पंचायत के कृत्यानंद प्लस टू हाई स्कूल, नुमर पंचायत के बुनियादी विद्यालय और पाड़ों पंचायत के सरकार भवन परिसर में खेल मैदान का निर्माण कराया जा रहा है. लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी ये मैदान अधूरे पड़े हैं. कई जगह मिट्टी धंस चुकी है, कहीं लेवलिंग अधूरी है तो कहीं निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है.
राशि निकासी हुई, काम अधूरा पड़ा
दस्तावेज़ों के अनुसार विभिन्न पंचायतों में मजदूरी और सामग्री मद में लाखों रुपये की निकासी हो चुकी है. लेकिन सालों बीत जाने के बाबजूद भी काम आधा-अधूरा पड़ा हुआ. उदाहरण के तौर पर बरियारपुर पंचायत में मजदूरी 1,51,655 और सामग्री 3,83,512, डाढ़ा पंचायत में मजदूरी 1,99,475 व सामग्री 4,26,409, गुगुलडीह पंचायत में मजदूरी 1,68,345 और सामग्री 2,57,740 निकाले गए. इसी तरह लखैय पंचायत में मजदूरी 1,53,110 तथा सामग्री 6,16,115, मलयपुर पंचायत में मजदूरी 1,25,000 और सामग्री 4,08,707, नुमर पंचायत में मजदूरी 1,88,377 व सामग्री 3,86,586 तथा पाड़ों पंचायत में मजदूरी 1,98,900 और सामग्री 4,10,904 की निकासी दर्ज है.
बरहट पंचायत ने दिखायी राह
इन सबके बीच बरहट पंचायत ने अलग उदाहरण पेश किया है. यहां की मुखिया जितनी देवी ने योजना को समय सीमा के भीतर पूरा कर कुसौना गांव में खेल मैदान तैयार कर दिया. मैदान तैयार होते ही बच्चे और खिलाड़ी नियमित अभ्यास करने लगे हैं.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
इस संबंध में प्रखंड मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि जिन पंचायतों में खेल मैदान निर्माण कार्य अधूरा है, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जायेगा. साथ ही, जहां भी किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पायी जायेगी, उसकी जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जायेगी.
