Patneshwar Dham Sawan: बरहट (जमुई). कियुल नदी तट पर स्थित ऐतिहासिक पतनेश्वर धाम में श्रावणी मेला और सावन माह को लेकर व्यवस्थाएं अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं. मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन ने प्रशासन से जल्द आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है.
सीसीटीवी बंद, रोशनी और सफाई व्यवस्था भी लचर
मंदिर के मुख्य पुजारी राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि पतनेश्वर धाम में जमुई के अलावा आसपास के कई जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. इसके बावजूद मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं. पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है, परिसर में जगह-जगह कूड़ा-कचरा फैला हुआ है तथा मुख्य सड़क से मंदिर तक जाने वाला मार्ग कीचड़ से भरा हुआ है.
अधूरा सौंदर्यीकरण बना हादसे की आशंका
करीब 8 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रहने से श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कियुल नदी घाट पर सीढ़ियों का निर्माण बीच में ही रुका हुआ है. निर्माण स्थल पर सरिया, गिट्टी, बालू, ईंट और ढलाई में प्रयुक्त कीलों वाला फ्लाई बिखरा पड़ा है. श्रद्धालु इसी मार्ग से नदी से जल भरकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
महासंघ ने अतिरिक्त सुरक्षा बल की मांग की
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ के सदस्यों ने बताया कि श्रावण मास की प्रत्येक सोमवारी को यहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन से पहचान पत्र के साथ 30 स्वयंसेवकों, दो एएनएम, एसडीआरएफ की टीम तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की मांग की गई थी. उनका कहना है कि सावन शुरू होने के बावजूद अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं दिख रही है.
एसडीओ बोले- सभी आवश्यक व्यवस्थाएं होंगी
Patneshwar Dham Sawan: अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार ने बताया कि श्रावणी मेला को लेकर मंदिर प्रबंधन और संबंधित लोगों के साथ बैठक की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जायेंगी.
