जमुई ( बरहट ) से शशिलाल की रिपोर्ट
Kalash Yatra: बिहार के जमुई जिला अंतर्गत बरहट प्रक्षेत्र के मलयपुर में सनातन संस्कृति और धार्मिक अनुष्ठानों की एक कड़क तस्वीर सामने आई है. मलयपुर पंचायत के ऐतिहासिक बस्ती गांव स्थित कदम घाट शिव मंदिर परिसर मंगलवार को पूरी तरह वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय जयघोष से सराबोर हो गया. यहां तीन दिवसीय श्री श्री 1008 माता पार्वती अचल प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ के पावन शुभारंभ के अवसर पर ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच एक भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई. इस धार्मिक आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में चिंटू मिश्रा एवं उनकी धर्मपत्नी रूपा मिश्रा ने कमान संभाली और यज्ञ कड़ियों की शुरुआत की.
विभिन्न टोलो से गुजरी शोभायात्रा; कदम नदी घाट पर भरा गया पवित्र जल
- गांवों का भ्रमण: भव्य कलश यात्रा यज्ञ स्थल से प्रारंभ होकर मलयपुर प्रक्षेत्र के विभिन्न इलाकों जैसे वर्णवाल टोला, मंडित टोला, स्थानीय बाजार सहित कई कनिष्ठ व वरिष्ठ मोहल्लों का भ्रमण करते हुए आगे बढ़ी.
- वैदिक मंत्रोच्चार से जल संग्रह: नगर भ्रमण के बाद श्रद्धालुओं का यह विशाल जत्था सीधे कदम नदी घाट पर पहुंचा. नदी तट पर यज्ञाचार्य भव शरण पंडित ने कमान संभालते हुए वैदिक रीति-रिवाज और कड़े मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई और सभी कलशों में पवित्र गंगाजल व नदी का जल भरवाया.
“जल संग्रह के बाद सभी श्रद्धालु भगवान शिव, माता पार्वती, जय श्रीराम, जय माता दी और जय हनुमान के कड़क जयघोष करते हुए वापस मुख्य यज्ञ मंडप पहुंचे. यज्ञ स्थल पर आते ही विद्वान पंडितों की टोली ने सामूहिक रूप से कलश स्थापना की प्रक्रिया पूरी की और हवन-पूजन के साथ इस त्रिदिवसीय महायज्ञ का विधिवत शंखनाद कर दिया.” — यज्ञ समिति पदाधिकारी
युवाओं ने संभाली सुरक्षा की कमान; जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक कलश यात्रा के दौरान तपती धूप को देखते हुए स्थानीय युवाओं की टीम सुरक्षा और सेवा कड़ियों में लगातार मुस्तैद रही. मार्ग में कई स्थानों पर प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा पेयजल और शरबत की कड़क व्यवस्था की गई थी, जिससे कली-मजदूरों और महिला श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न झेलनी पड़े. इस धार्मिक समागम में मलयपुर की मुखिया अनिता देवी, पूर्व मुखिया अशोक रावत, पिंटू सिंह, कालेश्वर रावत, रोमी वर्णवाल, नीतू देवी सिंह, शोभा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण कप्तानों और महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. महायज्ञ को लेकर पूरे बस्ती गांव और आसपास के ग्रामीण प्रक्षेत्रों में उत्सव का माहौल संधारित है.
