जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र से समाज और पारिवारिक रिश्तों को झकझोर देने वाली एक अजीबोगरीब खबर सामने आई है. अपनी इच्छा से प्रेमी के साथ भागकर कोर्ट मैरिज करने वाली एक बालिग युवती से नाराज होकर उसके परिजनों ने उसे मृत मान लिया. परिजनों ने न केवल गांव में उसकी प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर नरियाना घाट पर अंतिम संस्कार किया, बल्कि परिवार के पुरुष सदस्यों ने सिर मुंडवाकर सामाजिक रूप से उससे हमेशा के लिए नाता तोड़ लिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
27 जुलाई को दर्ज हुई थी गुमशुदगी, 2 अगस्त को थाने पहुंची युवती
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, खैरा बाजार निवासी युवती बीते दिनों अपने प्रेमी के साथ अचानक घर से लापता हो गई थी:
- थाने में केस दर्ज: परिजनों ने 27 जुलाई को खैरा थाने में बेटी के अपहरण व गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी.
- थाने में बालिग होने की पुष्टि: 2 अगस्त को युवती खुद खैरा थाना पहुंची. पुलिस द्वारा कराए गए मेडिकल टेस्ट में उसके बालिग होने की पुष्टि हुई.
- स्वेच्छा से जाने का बयान: युवती ने पुलिस और दंडाधिकारी के समक्ष स्पष्ट बयान दिया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ रहना चाहती है. कानूनन बालिग होने के कारण पुलिस ने उसे उसके प्रेमी के साथ जाने की अनुमति दे दी.
3 अगस्त को कोर्ट मैरिज, 4 अगस्त को निकाला गया जनाजा
03 अगस्त को युवती ने अपने प्रेमी के साथ न्यायालय (Court Marriage) में कानूनी रूप से शादी रचा ली. इसकी भनक लगते ही परिजनों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया:
- प्रतीकात्मक अर्थी व दाह-संस्कार: 04 अगस्त को परिजनों ने गांव में युवती की प्रतीकात्मक अर्थी बनाई और नरियाना घाट ले जाकर अंतिम संस्कार की सभी रस्में निभाईं.
- श्राद्ध कर्म की तैयारी: परिवार के पुरुषों ने सामूहिक रूप से बाल मुंडवाए और सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि उनकी बेटी उनके लिए अब मर चुकी है. ग्रामीण सूत्रों के अनुसार अब उसके श्राद्ध कर्म (पिंडदान) की भी तैयारी की जा रही है.
गोतिया में शादी बनने की वजह से भड़का परिवार
स्थानीय ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि युवती ने जिस युवक से प्रेम विवाह किया है, वह उसके अपने ही 'गोतिया' (सगोत्र/परिवार) का है. सामाजिक व पारंपरिक मान्यताओं के कारण परिजनों ने इस रिश्ते को कभी स्वीकार न करने का फैसला किया और बेटी से तमाम संबंध खत्म कर दिए. हालांकि परिजनों ने इस मुद्दे पर मीडिया से कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.
थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह का बयान
मामले पर खैरा थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया:
थानाध्यक्ष का बयान: "युवती के लापता होने के संबंध में परिजनों द्वारा मामला दर्ज कराया गया था. युवती को बरामद कर उसकी चिकित्सीय व कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई. बालिग होने के कारण नियमानुसार उसे उसकी मर्जी से भेजा गया. इसके बाद परिजनों द्वारा गांव में क्या किया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी पुलिस को नहीं है."
