जमुई जिले के विभिन्न सरकारी प्रारंभिक व उच्च विद्यालयों में कार्यरत रात्रि प्रहरियों (नाइट गार्ड) ने विगत कई महीनों से लंबित मानदेय/वेतन के भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) से मुलाकात की. रात्रि प्रहरी संघ के जिलाध्यक्ष सुजीत कुमार के नेतृत्व में प्रहरियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीपीओ (स्थापना) को लिखित आवेदन सौंपा और बकाए वेतन का अविलंब भुगतान कराने का आग्रह किया. वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
कई माह से मानदेय बंद, भुखमरी की कगार पर पहुंचे परिवार
डीपीओ स्थापना से मुलाकात के दौरान रात्रि प्रहरियों ने अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा कि वे विद्यालयों की सुरक्षा में रात-रात भर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाते हैं. इसके बावजूद विभाग द्वारा पिछले कई महीनों से उनके वेतन का भुगतान रोक कर रखा गया है. लगातार वेतन लंबित रहने से उनके सामने दैनिक भरण-पोषण और राशन का संकट खड़ा हो गया है. कर्मियों ने कहा कि अल्प वेतनभोगी होने के कारण उनके पास कोई वैकल्पिक आय का साधन नहीं है, जिससे घर की स्थिति दयनीय हो गई है.
बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक खर्चों पर पड़ा सीधा असर
रात्रि प्रहरियों ने बताया कि समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण वे अपने बच्चों की स्कूल फीस और कॉपी-किताबों का खर्च उठाने में भी असमर्थ हो रहे हैं. इसके अलावा, घर में बुजुर्गों के इलाज और आकस्मिक चिकित्सा जरूरतों के लिए भी उन्हें कर्ज लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है. उन्होंने डीपीओ से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समस्या को गंभीरता से लेने और विभागीय स्तर पर जल्द से जल्द राशि विमुक्त करने का अनुरोध किया, ताकि उन्हें इस गंभीर आर्थिक परेशानी से राहत मिल सके.
प्रतिनिधिमंडल में ये प्रमुख सदस्य रहे शामिल
डीपीओ (स्थापना) को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में संघ के प्रमुख पदाधिकारियों और सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. मौके पर संघ के अध्यक्ष सुजीत कुमार के साथ दिलीप यादव, सुभाष कुमार, सदानंद प्रसाद सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए कई अन्य रात्रि प्रहरी और संघ के सदस्य उपस्थित रहे.
