खैरा प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने रायपुरा पंचायत के रायपुरा गांव में एक गरीब परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. लगातार बारिश के बीच एक मिट्टी का घर अचानक भरभराकर धराशायी हो गया. घर गिरने से अंदर रखा खाने-पीने का सामान, मोबाइल, खटिया, बिछावन समेत कई जरूरी घरेलू सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गये. गनीमत रही कि हादसे के वक्त घर के अंदर कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था.
बारिश के बीच अचानक धराशायी हुआ मिट्टी का घर
बताया गया कि लगातार बारिश के कारण प्रसाद यादव का मिट्टी का घर पहले से ही कमजोर हो चुका था. तीन दिनों से हो रही बारिश के बीच घर की दीवारें पानी सोखकर काफी जर्जर हो गयी थीं. इसी दौरान बारिश का दबाव नहीं झेल पाने के कारण घर अचानक भरभराकर गिर गया. घर गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.
मलबे में दबकर खराब हुआ जरूरी सामान
घर के धराशायी होने से प्रसाद यादव की पूरी गृहस्थी मलबे में दब गयी. घर में रखा खाने-पीने का सामान, मोबाइल, खटिया, बिछावन सहित कई घरेलू उपयोग की वस्तुएं क्षतिग्रस्त हो गयीं. पीड़ित परिवार के सामने अब रहने के साथ-साथ खाने-पीने की भी समस्या खड़ी हो गयी है. घर गिरने के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है.
पीड़ित बोला- घर गिरने से पूरी गृहस्थी बर्बाद
पीड़ित प्रसाद यादव ने बताया कि घर गिरने से उनकी पूरी गृहस्थी बर्बाद हो गयी है. घर में रखा जरूरी सामान मलबे में दबकर खराब हो गया. अब परिवार के पास न तो सुरक्षित रहने की जगह है और न ही जरूरी सामान बचा है. उन्होंने प्रशासन से आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता देने के साथ तत्काल रहने की व्यवस्था कराने की मांग की है.
जर्जर मिट्टी के घरों में रह रहे परिवारों की बढ़ी चिंता
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति का जायजा लेकर जल्द राहत उपलब्ध कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में कई मिट्टी और जर्जर मकान कमजोर हो गये हैं. ऐसे घरों में रह रहे परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है. ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे घरों का सर्वे कराकर जरूरतमंद परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और राहत उपलब्ध कराने की मांग की है.
ये भी पढ़ें : जमुई में बारिश का कहर, डुमरी में भरभराकर गिरे दो कच्चे मकान, बेघर हुए परिवार अब छत की आस में
Also Read: बिहार में बढ़ रहा बाढ़ का खतरा, गंगा-गंडक के बाद सोन भी उफनाई, 56 गेट खुले, कई इलाकों में तबाही
