लापता युवक की हत्या, गड्ढे से बरामद किया गया शव

नवडीहा गांव से बीते दो दिन पूर्व लापता हुए 18 वर्षीय युवक सत्यदेव आर्य की हत्या कर अपराधियों ने उसका शव सिंगारपुर बिहार में फेंक दिया, जिसे बुधवार सुबह पुलिस के द्वारा एक गड्ढे से बरामद किया गया है.

खैरा. थाना क्षेत्र के नवडीहा गांव से बीते दो दिन पूर्व लापता हुए 18 वर्षीय युवक सत्यदेव आर्य की हत्या कर अपराधियों ने उसका शव सिंगारपुर बिहार में फेंक दिया, जिसे बुधवार सुबह पुलिस के द्वारा एक गड्ढे से बरामद किया गया है. बुधवार सुबह पुलिस की टीम ने सिंगारपुर बहियार से सत्यदेव का शव बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. गौरतलब है कि नवडीहा गांव निवासी कारोबारी संजय आर्य का पुत्र सत्यदेव आर्य पिछले दो दिनों से लापता था. इसे लेकर परिजनों ने बीते मंगलवार को खैरा थाना में अपहरण की आशंका दर्ज कराते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी में मृतक सत्यदेव के पिता संजय आर्य ने बताया था कि उसका बेटा बीते सोमवार शाम दुकान से आया तथा घर से अचानक कहीं चला गया. काफी देर बाद जब वह लौटकर नहीं आया तब परिजनों के द्वारा उसकी काफी खोजबीन की गयी, परंतु सत्यदेव का कुछ भी पता नहीं चल सका. इसके बाद बुधवार सुबह पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए सत्यदेव की लाश सिंगापुर बहियार स्थित एक गड्ढे से बरामद की. बताया जा रहा है की गला दबाकर सत्यदेव की हत्या की गयी तथा उसके शव को एक गड्ढे में छिपा दिया गया. इधर, घटना की खबर फैलते ही हजारों की संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गये. हालांकि इस दौरान पहुंची पुलिस की टीम ने लोगों को घटनास्थल पर जाने से रोक दिया और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम लिये भेज दिया.

अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र था सत्यदेव

सत्यदेव आर्य अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र था. उसकी तीन बहने हैं तथा वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. मृतक सत्यदेव का पिता संजय आर्य पेशे से कारोबारी है तथा खैरा बाजार में उनकी दुकान है. वह अपने पिता की दुकान में हाथ बंटाता था. बीते सोमवार को वह दुकान से घर लौटा था तभी उसे किसी का फोन आया और वह अपने घर से निकल गया. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया है तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ संजय आर्य के घर पर जमा हो गयी. घटना के बाद संजय आर्य तथा उसके परिवार के अन्य लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है. गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है तथा मामले का उद्भेदन भी कर लिया है. घटना के बाद पूरे नवडीहा गांव में मातम का माहौल है.

लड़की से मिलने के बहाने बुलाया, पैसों के लिए दोस्तों ने ही कर दी सत्यदेव की हत्या

खैरा. थाना क्षेत्र के नवडीहा गांव निवासी सत्यदेव आर्य हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया है. हत्या में शामिल चार अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है. पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि पैसों के लिए सत्यदेव के दोस्तों ने ही फोन करके उसे घर से बुलाया, फिर उसकी हत्या कर दी. गिरफ्तार चार युवकों की भूमिका इस पूरे हत्याकांड में सामने आयी है. जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सतीश सुमन ने बताया कि सत्यदेव आर्य के पिता संजय कुमार साव ने इसे लेकर प्राथमिकी दर्ज करायी थी तथा कांड के उद्भेदन को लेकर पुलिस अधीक्षक के द्वारा एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था. उक्त टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तकनीकी अनुसंधान प्रारंभ कर दिया तथा सीडीआर के आधार पर नवडीहा से प्रियांशु कुमार पिता महेश साव नामक एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की. पूछताछ के बाद पुलिस ने इस मामले में बल्लूपुर से गौतम यादव पिता उपेंद्र यादव, नवडीहा से प्रवेश कुमार पिता आसो साव तथा शिवनंदन कुमार पिता योगेश्वर शाह को भी हिरासत में लेकर इन सभी से पूछताछ की. पूछताछ के बाद इन सभी युवकों ने सत्यदेव हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली तथा उनके निशानदेही पर ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सत्यदेव की लाश को बरामद कर लिया.

लड़की से मिलने के बहाने बुलाया, फिरौती मांगने की थी साजिश

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि जिन युवकों ने सत्यदेव की हत्या को अंजाम दिया है, वह सभी उसके मित्र है तथा उन्होंने फिरौती के बहाने पैसा ऐंठने के लिए पूरी घटना को अंजाम दिया है. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि सत्यदेव किसी लड़की से बातचीत करता था और उसके दोस्तों ने उस लड़की का नाम लेकर सत्यदेव को घर से बुलाया फिर बाइक पर बिठाकर ले गए तथा उसे बंधक बना लिया. उन सभी युवकों की यह प्लानिंग थी कि वह सत्यदेव को किडनैप करेंगे, फिर उसके पिता से फिरौती की मांग करेंगे. लेकिन जब सत्यदेव को इस बात की भनक लगी तब उसने इसका विरोध कर दिया और उन युवकों ने सत्यदेव के साथ मारपीट की तथा गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. फिर लाश को किसी गड्ढे में छुपा दिया. बहरहाल पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का उद्भेदन कर लिया है और गिरफ्तार सभी युवकों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इस मामले में कई अन्य लोगों का नाम भी सामने आया है, जिनकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. घटना की विस्तृत जांच को लेकर वैज्ञानिक अनुसंधान तथा फॉरेंसिक की टीम को भी बुलाया गया है. छापेमारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सतीश सुमन के अलावे खैरा थानाध्यक्ष शशि भूषण कुमार, अपर थानाध्यक्ष सर्वजीत कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक विकास कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक अर्जुन रावत, तकनीकी शाखा के कर्मी एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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