धनामा में तालाब खुदाई के दौरान मिली प्राचीन मूर्ति, इलाके में चर्चा तेज
Published by : PANKAJ KUMAR SINGH Updated At : 24 May 2026 6:08 PM
प्रखंड के धनामा गांव में रविवार को तालाब खुदाई के दौरान प्राचीन मूर्ति मिलने से इलाके में सनसनी फैल गयी. लघु सिंचाई विभाग की योजना के तहत तालाब की खुदाई चल रही थी.
2019 में भी खुदाई के दौरान मिली थी विष्णु-लक्ष्मी की प्रतिमा, प्रशासन ने सुरक्षित रखा अवशेष अलीगंज. प्रखंड के धनामा गांव में रविवार को तालाब खुदाई के दौरान प्राचीन मूर्ति मिलने से इलाके में सनसनी फैल गयी. लघु सिंचाई विभाग की योजना के तहत तालाब की खुदाई चल रही थी. इसी दौरान मजदूरों को मिट्टी के अंदर से काले पत्थर की एक पुरानी प्रतिमा मिली. मूर्ति मिलने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. स्थानीय लोगों ने प्रतिमा का ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व का बताते हुए पूजा-अर्चना शुरू कर दी. सूचना पर चंद्रदीप थानाध्यक्ष अरविंद कुमार, सीओ रंजन कुमार दिवाकर समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रतिमा की पहचान व उसके कालखंड की जानकारी जुटाने में लग गये. ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोग इसे भगवान विष्णु-लक्ष्मी, तो कुछ उमा-महेश्वर (भगवान शिव-पार्वती) की प्रतिमा बता रहे हैं. सीओ ने बताया कि पुरातत्व की दृष्टि से इसे उमा-महेश्वर आलिंगन प्रतिमा माना जा रहा है. काले पत्थर से निर्मित इस प्रतिमा में भगवान शिव के हाथ में त्रिशूल व माता पार्वती उनके अंक में विराजमान प्रतीत हो रही हैं. ग्रामीण शिक्षाविदों का मानना है कि इस प्रकार की मूर्तियां सामान्यत: पालकाल (8वीं से 12वीं शताब्दी) की हो सकती हैं. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में भी गांव में तालाब खुदाई के दौरान भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की प्राचीन प्रतिमा मिली थी. फिलहाल, प्रशासन ने मूर्ति को सुरक्षित रख वरीय अधिकारियों को सूचना दे दी है.
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