जमुई जिले के चकाई रेफरल अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर स्थानीय व्यवसायियों और नागरिकों ने सीधे सरकार के समक्ष अपनी आवाज उठाई है. झाझा में आयोजित कार्यक्रम से वापसी के दौरान चकाई पहुंचे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से व्यवसायियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी और मरीजों को हो रही गंभीर परेशानियों से मंत्री को रूबरू कराते हुए अस्पताल का औचक निरीक्षण करने तथा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार लाने की मांग की है.
रेफरल अस्पताल में इलाज का अभाव, आर्थिक मार झेल रहे गरीब
स्थानीय व्यवसायियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि चकाई रेफरल अस्पताल वर्तमान में खुद 'बीमार' स्थिति में है. दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले गरीब मरीजों को यहां समुचित चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाएं नहीं मिल पा रही हैं.
अस्पताल में प्राथमिक स्तर पर भी उचित इलाज न मिलने के कारण गंभीर व सामान्य मरीजों को सीधे अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है. इस वजह से गरीब परिवारों को मजबूरी में निजी वाहनों का किराया और महंगे निजी अस्पतालों का खर्च उठाना पड़ता है, जिससे उन पर अत्यधिक आर्थिक बोझ पड़ रहा है.
अस्पताल का औचक निरीक्षण करने का आग्रह
प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री से पुरजोर आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत रूप से अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर जमीनी हकीकत देखें. लोगों ने कहा कि यदि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों, आधुनिक जांच उपकरणों और जरूरी दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित कर दी जाए, तो स्थानीय आबादी को इलाज के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा.
स्वास्थ्य मंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
नागरिकों और व्यवसायियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सकारात्मक रुख दिखाया. उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि रेफरल अस्पताल की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विभागीय स्तर पर त्वरित और ठोस कदम उठाए जाएंगे.
मंत्री के इस ठोस आश्वासन के बाद स्थानीय जनता और व्यवसायियों में चकाई रेफरल अस्पताल की दशा सुधरने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की नई उम्मीद जगी है.
