जमुई जिले के चकाई प्रखंड में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन की प्रखंड कमिटी के बैनर तले शुक्रवार को चकाई अंचल कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना आयोजित किया गया. धरना के माध्यम से पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कथित अवैध जमाबंदियों की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
सीलिंग एक्ट की जमीन पर उठाए सवाल
माले नेताओं ने आरोप लगाया कि चकाई प्रखंड के विभिन्न गांवों में सीलिंग एक्ट की जमीन की कथित रूप से अवैध जमाबंदी की गई है. उन्होंने मांग की कि ऐसी जमीन को अधिग्रहित कर भूमिहीन एवं गरीब किसानों के बीच वितरित किया जाए.
इन गांवों की जमाबंदी जांच की मांग
धरना के दौरान अधिकारियों को सौंपे गए मांग-पत्र में बोंगी पंचायत के सिमरातांड़, बघेरवा, पथरिया, अमाटांड़ और खूटीटांड़ समेत विभिन्न गांवों की संदिग्ध जमाबंदियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई. साथ ही पंजी-दो में दर्ज जमाबंदियों की समीक्षा, भू-माफियाओं पर कार्रवाई और सभी संदिग्ध जमाबंदियों को रद्द करने की मांग भी उठाई गयी.
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना में बड़ी संख्या में माले कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी भी की.
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
माले नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि अवैध जमाबंदी के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जायेगा.
