जमुई जिले के झाझा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत करजोसवा गांव में गुरुवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक ही बिस्तर पर सो रहे दो चचेरे भाइयों को अत्यधिक विषैले करैत सांप ने डस लिया.
सांप के डसते ही दोनों युवकों की तेज चीख-पुकार सुनकर परिजनों की नींद खुली. जब परिजनों ने बिस्तर पर रेंगते हुए जहरीले सांप को देखा, तो उनके होश उड़ गए. परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए पहले सांप को मार गिराया और फिर दोनों अचेत होते युवकों को आनन-फानन में इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल पहुंचाया.
बिस्तर पर सोए-सोए डसा, चीख सुनकर दौड़े परिजन
करजोसवा गांव निवासी इंद्रदेव यादव का 18 वर्षीय पुत्र रंजन कुमार और बासुदेव यादव का 18 वर्षीय पुत्र डब्लू कुमार रात में खाना खाकर कमरे में एक ही बेड पर सो रहे थे:
- अचानक हमला: देर रात एक जहरीला करैत सांप बिस्तर पर चढ़ गया और उसने बारी-बारी से दोनों भाइयों को डस लिया.
- चीख-पुकार से मचा कोहराम: सर्पदंश के दर्द और जलन से दोनों युवक अचानक चिल्लाने लगे. आवाज सुनकर बगल के कमरे से परिजन दौड़े और टॉर्च की रोशनी में बेड पर करैत सांप को देखकर दंग रह गए.
- अस्पताल में भर्ती: परिजनों ने हिम्मत दिखाते हुए सांप को कमरे में ही मार डाला और बिना समय गंवाए दोनों को लेकर सीधे सदर अस्पताल जमुई पहुंचे.
डब्लू कुमार की हालत नाजुक, पटना मेडिकल कॉलेज रेफर
सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात चिकित्सकों ने विषरोधी इंजेक्शन (एंटी-स्नेक वेनम) देकर दोनों का प्राथमिक उपचार तुरंत शुरू किया:
- एक गंभीर: डॉक्टरों के अनुसार, डब्लू कुमार के शरीर में जहर तेजी से फैलने के कारण उसकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई. गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर और गहन चिकित्सा के लिए पटना रेफर कर दिया गया.
- सदर अस्पताल में इलाज: वहीं दूसरे भाई रंजन कुमार की स्थिति स्थिर बनी हुई है और उसका इलाज जमुई सदर अस्पताल के आईसीयू/वार्ड में डॉक्टरों की सघन निगरानी में चल रहा है.
मानसून में सांपों का खौफ, गांव में दहशत का माहौल
एक ही घर के दो नौजवानों को बिस्तर पर सांप डसने की इस घटना के बाद पूरे करजोसवा गांव में डर और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है.
बारिश के दिनों में बिलों में पानी भरने के कारण जहरीले सांप सूखे स्थानों और घरों की ओर रुख करते हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जमीन पर सोने से बचें, रात में सोते समय मच्छरदानी का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, घरों के आसपास प्रकाश की व्यवस्था रखें और सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद किए बिना सीधे सरकारी अस्पताल पहुंचें.
