जमुई जिले के झाझा प्रखंड के सिमुलतला निवासी मंटू पंडित की पुत्री जूही कुमारी ने कराटे के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वर्तमान में राजस्थान में रह रही जूही ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित खुदीराम अनुशीलन केंद्र इनडोर स्टेडियम में आयोजित ऑल स्टेट ऑल स्टाइल कराटे चैंपियनशिप में अपने आयु वर्ग में दो स्वर्ण पदक जीते. जूही ने 13 और 14 वर्ष के आयु वर्ग में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए दिल्ली, असम और पश्चिम बंगाल के खिलाड़ियों को हराकर यह सफलता हासिल की.
तीन सौ से अधिक खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
बीएसएफ के सहयोग से आयोजित इस कराटे चैंपियनशिप में करीब तीन सौ से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. विभिन्न राज्यों से पहुंचे खिलाड़ियों के बीच जूही ने अपने शानदार खेल का प्रदर्शन किया. प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने दिल्ली, असम और पश्चिम बंगाल के खिलाड़ियों को पराजित कर अपने आयु वर्ग में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किये.
जूही की इस सफलता से परिवार और सिमुलतला क्षेत्र में खुशी का माहौल है. खेल के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही जूही ने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है.
जयपुर के स्कूल में आठवीं की छात्रा है जूही
जूही वर्तमान में राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित द पैलेस स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा है. पढ़ाई के साथ वह कराटे में भी लगातार अभ्यास कर रही है. खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने में प्रिंसेस दिया कुमारी फाउंडेशन की ओर से भी उसे सहयोग मिल रहा है. इसी सहयोग और नियमित प्रशिक्षण के जरिए जूही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
जूही के पिता मंटू पंडित ने बताया कि बेटी ने प्रतियोगिता में कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ मुकाबला किया. अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ियों के बीच बेहतर प्रदर्शन कर दो स्वर्ण पदक हासिल करना उसके लिए बड़ी उपलब्धि है.
जूही की सफलता पर लोगों ने दी बधाई
जूही की उपलब्धि पर उनके कोच निर्मल बोहरा, मोहन श्रेष्ठ और श्याम सिंह शेखावत ने बधाई दी है. वहीं स्कूल की प्रधानाध्यापक उर्वशी वर्मन, महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय संग्रहालय ट्रस्ट की कार्यकारी ट्रस्टी रमा दत्ता और पूर्व ओलंपियन एवं अर्जुन अवार्डी गोपाल सैनी ने भी जूही के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
सिमुलतला की इस बेटी की उपलब्धि से स्थानीय लोगों में भी उत्साह है. जूही ने कराटे में दो स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ अपने परिवार और स्कूल, बल्कि सिमुलतला का नाम भी गौरवान्वित किया है. अब उसकी नजर आगे होने वाली प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर देश और राज्य का नाम रोशन करने पर है.
