चकाई तक कब पहुंचेगी रेल? निशिकांत दुबे ने रेल मंत्री के सामने उठाया जसीडीह-चकाई-नवादा लाइन का मुद्दा

चकाई को रेल नेटवर्क से जोड़ने की सालों पुरानी मांग फिर गरमाई है. गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने रेल मंत्री से मिलकर जसीडीह-चकाई-नवादा रेल लाइन का मुद्दा उठाया है. इस प्रयास से स्थानीय लोगों में विकास की उम्मीद जगी है.

Jasidih Chakai Nawada Rail Line: चकाई को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग एक बार फिर केंद्र तक पहुंची है. गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर जसीडीह-चकाई-नवादा रेल लाइन समेत गोड्डा लोकसभा क्षेत्र की विभिन्न रेल परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं को लेकर चर्चा की. सांसद के इस प्रयास की जानकारी सामने आने के बाद लंबे समय से रेल सुविधा का इंतजार कर रहे चकाई के लोगों में उम्मीद और खुशी का माहौल है.

सरौन. चकाई में रेल की सीटी सुनने का सपना नया नहीं है. वर्षों से यहां के लोग रेल नेटवर्क से जुड़ने की मांग करते रहे हैं. हर बार यह उम्मीद बनी कि चकाई तक रेल पहुंचेगी और क्षेत्र को विकास की नयी रफ्तार मिलेगी, लेकिन अब तक यह सपना जमीन पर नहीं उतर सका है.

ऐसे में गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे का जसीडीह-चकाई-नवादा रेल लाइन का मुद्दा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने उठाना स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सांसद ने मुलाकात के दौरान गोड्डा लोकसभा क्षेत्र की विभिन्न रेल परियोजनाओं और यात्रियों से जुड़ी सुविधाओं को लेकर भी आग्रह किया.

सिर्फ ट्रेन नहीं, चकाई के विकास की उम्मीद है यह रेल लाइन

स्थानीय लोगों के मुताबिक चकाई में रेल लाइन पहुंचने का मतलब केवल एक नयी रेल सेवा शुरू होना नहीं है. इससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदल सकती है.

जसीडीह-चकाई-नवादा रेल लाइन बनने से चकाई सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जायेगा. फिलहाल दूसरे शहरों तक आने-जाने में स्थानीय लोगों को सड़क मार्ग पर काफी निर्भर रहना पड़ता है. रेल सुविधा मिलने के बाद आवागमन आसान और सुविधाजनक होने की उम्मीद है.

सबसे बड़ा असर व्यापार पर पड़ सकता है. रेल संपर्क बेहतर होने से चकाई बाजार को आसपास के बड़े शहरों से जोड़ने में मदद मिलेगी. स्थानीय कारोबारियों को माल की आवाजाही और ग्राहकों की पहुंच के लिहाज से फायदा हो सकता है.

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी रेल कनेक्टिविटी को अहम माना जा रहा है. दूसरे शहरों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों व उनके परिजनों के लिए सफर आसान हो सकता है. रोजगार के लिए बाहर जाने वाले युवाओं को भी बेहतर परिवहन विकल्प मिल सकेगा.

वर्षों पुरानी मांग फिर पहुंची रेल मंत्री के दरवाजे तक

चकाई को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग लंबे समय से स्थानीय स्तर पर उठती रही है. क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह मांग केवल राजनीतिक घोषणा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे ठोस परियोजना के रूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है.

सांसद द्वारा रेल मंत्री के सामने इस मुद्दे को उठाये जाने से लोगों को उम्मीद है कि जसीडीह-चकाई-नवादा रेल लाइन को लेकर आगे कोई ठोस पहल हो सकती है.

हालांकि, अभी रेल लाइन के निर्माण को लेकर किसी निश्चित समयसीमा या परियोजना के धरातल पर उतरने की जानकारी सामने नहीं आयी है. इसलिए स्थानीय लोगों की निगाह अब इस बात पर है कि रेल मंत्रालय की ओर से इस मांग पर आगे क्या कदम उठाया जाता है.

कारोबारी बोले- रेल आयी तो चकाई बाजार को मिलेगा बड़ा फायदा

चकाई बाजार के व्यवसायी राहुल केशरी ने सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के प्रयास की सराहना की. उन्होंने कहा कि चकाई में रेल लाइन की मांग को आगे बढ़ाने के लिए सांसद द्वारा रेल मंत्री के समक्ष आवाज उठाना सराहनीय है.

उनका कहना है कि यदि चकाई में रेल लाइन आती है तो क्षेत्र के विकास की संभावनाएं काफी बढ़ जायेंगी. उन्होंने स्थानीय नेताओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की जरूरत है.

Jasidih Chakai Nawada Rail Line: लोगों को अब इंतजार, मांग से आगे कब बढ़ेगी परियोजना

पंडित अनिल मिश्रा, शैलेश दुबे, अभय पासवान, पंकज चौधरी, हर्ष नारायण सिंह, अनिल सिंह, राकेश पासवान, चंदन शुक्ला, चंदन वर्मा, प्रभाकर तिवारी और गोपाल राम समेत अन्य स्थानीय लोगों ने सांसद के प्रयास का स्वागत किया.

स्थानीय लोगों का कहना है कि चकाई को रेल सुविधा से जोड़ना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी. लंबे समय से चली आ रही मांग एक बार फिर केंद्रीय रेल मंत्री तक पहुंचने से लोगों की उम्मीद बढ़ी है.

अब असली सवाल यह है कि जसीडीह-चकाई-नवादा रेल लाइन को लेकर आगे क्या निर्णय होता है. स्थानीय लोगों की उम्मीद केवल मांग उठाये जाने तक सीमित नहीं है. वे चाहते हैं कि वर्षों पुरानी मांग पर सर्वे, स्वीकृति, बजट और निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू हो.

अगर यह रेल परियोजना धरातल पर आती है तो चकाई के लिए यह केवल परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं होगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है.

फोटो. रेल मंत्री से मुलाकात करते सांसद निशिकांत दुबे | Prabhat Khabar Network

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लेखक के बारे में

By श्याम सिंह तोमर

श्याम सिंह तोमर प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सरौन (जमुई) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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