बरसात में ‘सांपों का कहर’: जमुई सदर अस्पताल में रातभर में पहुंचे सर्पदंश के 12 से अधिक मरीज

Snake Bite Case: बरसात के मौसम में सांपों का प्रकोप बढ़ गया है, जमुई जिले में पिछले 12 घंटों में 12 से अधिक लोग सर्पदंश का शिकार हुए. राहत की बात यह है कि समय पर एंटी स्नेक वेनम मिलने से सभी की जान बचाई जा सकी. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है और अंधविश्वास से दूर सीधे अस्पताल आने की अपील की है.

जमुई से अर्जुन अरनव की रिपोर्ट

Snake Bite Case: बारिश का मौसम शुरू होते ही ग्रामीण और शहरी इलाकों में सांपों का निकलना काफी बढ़ गया है. इसी क्रम में बीते 12 घंटों के भीतर जमुई जिले के अलग-अलग प्रखंडों से 12 से ज्यादा लोगों को सांप ने अपना शिकार बना लिया. पीड़ितों को गंभीर स्थिति में उनके परिजनों द्वारा तत्काल सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया.

समय पर दवा मिलने से बची सभी की जान

इतनी बड़ी संख्या में सर्पदंश के मरीज आने के बाद अस्पताल के ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने तुरंत मोर्चा संभाला. राहत की बात यह रही कि अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन और जीवनरक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थीं. चिकित्सकों की त्वरित कार्रवाई और समय पर मिले सटीक इलाज के कारण सभी मरीजों की हालत अब खतरे से बाहर और पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की चेतावनी

अस्पताल के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि बरसात के दिनों में बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में खेतों, झाड़ियों, रिहायशी इलाकों और घरों के आसपास आ जाते हैं. ऐसे में विशेष रूप से रात के समय खेतों में काम करते समय, आंगन या अंधेरी जगहों पर जाते वक्त रोशनी (टॉर्च) का इस्तेमाल करना और अत्यधिक सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.

झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, सीधे आएं अस्पताल

सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने आम जनता से बेहद महत्वपूर्ण अपील करते हुए कहा कि सांप काटने की स्थिति में ओझा-गुणी, झाड़-फूंक या किसी भी तरह के घरेलू अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर कीमती समय बिल्कुल न गंवाएं. सर्पदंश के तुरंत बाद पीड़ित को सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर आएं, क्योंकि सही समय पर एंटी स्नेक वेनम मिलने से शत-प्रतिशत जान बचाई जा सकती है.

Snake Bite Case: जिले के विभिन्न थानों व गांवों से आए पीड़ितों की सूची

सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराए गए पीड़ितों में जमुई सहित पड़ोसी जिले बांका के मरीज भी शामिल हैं, जिनका विवरण निम्न है:

  • सीताबी बेतमा (पिता: छोटू साह) – भगवाना, जमुई
  • उमेश सिंह (पिता: स्व. अंबिका सिंह) – खैरा, जमुई
  • सोनी कुमारी (पिता: लक्ष्मण रविदास) – गरही, जमुई
  • विजय तांती (पिता: केसो तांती) – गरसंडा, जमुई
  • सुभाष कुमार (पिता: अरविंद यादव) – झाझा, जमुई
  • सोनी कुमारी (पति: सुनील राम) – गोपालपुर, खैरा, जमुई
  • राधा कृष्ण मंडल (पिता: धोबी मंडल) – खुटौना, जमुई
  • धीरज कुमार (पिता: सुधीर साव) – गौरा, लक्ष्मीपुर
  • लालमुनि देवी (पति: सुरेन्द्र साह) – गादी मंगरा, लक्ष्मीपुर
  • अजीत कुमार (पिता: आनंदी पासवान) – मांगेचपरी, खैरा
  • बबिता देवी (पति: धूलो यादव) – तरौना, बांका
  • अवधेश पंडित (पिता: शिवलोकी पंडित) – सिरचंद नवादा, जमुई
  • सुलेखा देवी (पति: धर्मेंद्र तांती) – गुगुलडीह, बरहट

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Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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