मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद अलर्ट मोड में जमुई, अस्पतालों और होटलों में चला सघन फायर ऑडिट
Jamui News : मुजफ्फरपुर की दर्दनाक अग्निकांड घटना के बाद जमुई प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अस्पतालों, होटलों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में विशेष फायर ऑडिट अभियान चलाया गया. सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच के साथ लापरवाही बरतने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
जमुई से पंकज सिंह की रिपोर्ट
Jamui News : संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जमुई जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर फायर सेफ्टी जांच अभियान शुरू किया है. जिला पदाधिकारी नवीन के निर्देश पर अग्निशमन विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न अस्पतालों और होटलों का औचक निरीक्षण कर अग्निशमन व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की.
मुजफ्फरपुर हादसे के बाद बढ़ाई गई सतर्कता
हाल ही में मुजफ्फरपुर में हुई अग्निकांड की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था. इसी घटना को गंभीरता से लेते हुए बिहार सरकार के निर्देश पर विभिन्न जिलों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है. इसी कड़ी में जमुई जिला प्रशासन ने भी विशेष फायर ऑडिट अभियान शुरू किया है.
जिला पदाधिकारी के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम
जिला पदाधिकारी नवीन के सख्त निर्देशों के आलोक में जिला समादेष्टा सह जिला अग्निशमन पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. इस टीम को जिले के प्रमुख अस्पतालों, होटलों और भीड़भाड़ वाले प्रतिष्ठानों में अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था की जांच का जिम्मा सौंपा गया.
होटलों में सुरक्षा इंतजामों की हुई गहन जांच
अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने होटल नीरज इंटरनेशनल और होटल मनोज पैलेस सहित कई प्रमुख होटलों का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने वहां मौजूद अग्निशामक यंत्रों, आपातकालीन निकास मार्गों, पानी की उपलब्धता और अन्य सुरक्षा संसाधनों की बारीकी से जांच की.
अस्पतालों में भी परखी गई सुरक्षा व्यवस्था
जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए टीम ने जमुई चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहट और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मीपुर का भी निरीक्षण किया. अस्पतालों में आग से बचाव के लिए उपलब्ध संसाधनों और आपदा की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित निकालने की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया गया.
कर्मचारियों को दिया गया सुरक्षा प्रशिक्षण
निरीक्षण के दौरान संबंधित संस्थानों के प्रबंधकों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को अग्निकांड जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने के तरीके बताए गए. साथ ही उन्हें सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने और नियमित रूप से उपकरणों की जांच कराने की सलाह दी गई.
लापरवाही बरतने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि लोगों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. यदि किसी होटल, अस्पताल या व्यावसायिक प्रतिष्ठान में अग्निशमन नियमों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
सुरक्षा उपकरणों को दुरुस्त रखने की अपील
जिला प्रशासन ने सभी प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वे अपने परिसर में स्थापित अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच कराएं और उन्हें पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रखें. प्रशासन का मानना है कि समय पर की गई तैयारी किसी भी बड़ी दुर्घटना को टाल सकती है.
आगे भी जारी रहेगा विशेष अभियान
अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा. आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न संस्थानों में फायर ऑडिट और सुरक्षा जांच अभियान चलाया जाएगा ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके.