Jamui Ambulance Beer Smuggling: सड़क पर दौड़ रही एक निजी एंबुलेंस देखकर शायद ही किसी को उसमें शराब की खेप छिपाकर ले जाने का शक हो. लेकिन जमुई में वाहन जांच के दौरान जब उत्पाद विभाग की टीम ने एक निजी एंबुलेंस को रोककर तलाशी ली, तो उसके अंदर से बड़ी संख्या में केन बीयर बरामद हुई. एंबुलेंस में शराब मिलने के बाद चालक और उपचालक को गिरफ्तार कर लिया गया.
मामला झाझा-जमुई मुख्य मार्ग पर गिद्धौर थाना क्षेत्र के बानाडीह गांव के समीप का है. उत्पाद विभाग के अनुसार एंबुलेंस से 460 पीस केन बीयर बरामद की गयी है. पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने शराब की खेप झारखंड के देवघर से लखीसराय ले जाने की बात बतायी है.
कार्रवाई के बाद उत्पाद विभाग ने बीयर जब्त करने के साथ एंबुलेंस को भी अपने कब्जे में ले लिया है. अब जांच का दायरा केवल चालक और उपचालक तक सीमित नहीं है. विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि शराब की खेप किसके लिए ले जायी जा रही थी और इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है.
वाहन जांच के दौरान खुला एंबुलेंस में छिपी बीयर का राज
उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार ने बताया कि शराब तस्करी की सूचना के आधार पर जिले के विभिन्न इलाकों में वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था. इसी क्रम में उत्पाद विभाग की टीम बानाडीह गांव के समीप वाहनों की जांच कर रही थी.
इसी दौरान टीम ने एक निजी एंबुलेंस को रोककर उसकी तलाशी ली. जांच के दौरान एंबुलेंस में छिपाकर रखी गयी 460 पीस केन बीयर बरामद हुई. इसके बाद टीम ने एंबुलेंस में मौजूद चालक और उपचालक को गिरफ्तार कर लिया.
शराब को छिपाकर ले जाने के लिए निजी एंबुलेंस के इस्तेमाल की बात सामने आने के बाद उत्पाद विभाग इस पूरे मामले को गंभीरता से जांच रहा है.
देवघर से लखीसराय ले जाई जा रही थी शराब की खेप
उत्पाद विभाग के अनुसार पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि बरामद शराब की खेप झारखंड के देवघर से लखीसराय ले जायी जा रही थी. इस जानकारी के आधार पर अब पुलिस और उत्पाद विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि खेप कहां से मिली और इसे लखीसराय में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था.
जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि एंबुलेंस में शराब किस स्थान पर और किस तरीके से छिपायी गयी थी. इससे तस्करी में इस्तेमाल किये गये तरीके और संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी मिल सकती है.
कौन हैं गिरफ्तार चालक और उपचालक
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान लखीसराय जिले के चौराराजपुर गांव निवासी पप्पू सिंह के पुत्र सौरव कुमार तथा रामचंद्रपुर गांव निवासी बलराम शर्मा के पुत्र सत्यम कुमार के रूप में हुई है.
उत्पाद विभाग ने दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है. कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है.
एंबुलेंस के इस्तेमाल से जांच का दायरा बढ़ा
शराबबंदी वाले बिहार में शराब की तस्करी रोकना उत्पाद विभाग और पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है. इस मामले में निजी एंबुलेंस का इस्तेमाल सामने आने के बाद जांच अधिकारियों के सामने तस्करी के तरीके को लेकर भी सवाल है.
एंबुलेंस जैसी गाड़ी को आम तौर पर आपातकालीन चिकित्सा सेवा से जोड़ा जाता है. ऐसे वाहन का इस्तेमाल शराब की खेप ले जाने में किये जाने की बात सामने आने से जांच एजेंसियां अब इस पहलू को भी खंगाल रही हैं कि कहीं तस्करी के लिए वाहनों की पहचान और उनकी सामान्य आवाजाही का फायदा तो नहीं उठाया जा रहा था.
हालांकि, इस मामले में एंबुलेंस मालिक या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका को लेकर अभी कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है. इसकी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
Jamui Ambulance Beer Smuggling: शराब तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
उत्पाद विभाग ने बरामद बीयर को जब्त कर लिया है और एंबुलेंस को भी कब्जे में लिया गया है. अधिकारियों के अनुसार पूछताछ और जांच का उद्देश्य केवल बरामद शराब की खेप तक सीमित नहीं है. यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस तस्करी में आरोपितों के अलावा और कौन लोग शामिल हैं.
खेप किसके निर्देश पर भेजी गयी थी, इसके लिए भुगतान या संपर्क का तरीका क्या था और लखीसराय में इसे किसे सौंपा जाना था, जैसे सवालों के जवाब भी जांच का हिस्सा हैं.
उत्पाद अधीक्षक के अनुसार शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ जारी है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
जमुई में हुई इस कार्रवाई से एक बार फिर यह सामने आया है कि शराब की तस्करी रोकने के लिए उत्पाद विभाग की ओर से सड़क पर वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है. अब इस मामले में बरामद 460 केन बीयर की खेप के पीछे जुड़े लोगों और पूरे नेटवर्क का पता लगाना जांच की अगली अहम कड़ी होगी.
