छात्राओं को दी गयी शीतलहर से बचाव की जानकारी

मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम अंतर्गत सुरक्षित सप्ताह के तहत शनिवार को प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय गिद्धौर में अध्ययनरत छात्राओं को शीतलहर के खतरे व उससे बचाव को लेकर जागरूक किया गया.

मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत दी गयी जानकारी गिद्धौर. मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम अंतर्गत सुरक्षित सप्ताह के तहत शनिवार को प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय गिद्धौर में अध्ययनरत छात्राओं को शीतलहर के खतरे व उससे बचाव को लेकर जागरूक किया गया. कार्यक्रम विद्यालय के प्रधानाध्यापक निरंजन पासवान की देखरेख में आयोजित किया गया. इस दौरान शिक्षिका रावत निर्मला इंद्रदेव ने शीतलहर की स्थिति में बच्चों को गर्म कपड़े पहनने, बेवजह घर से बाहर नहीं निकलने तथा गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी. उन्होंने बताया कि सर्दी के मौसम में जब तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है और यह स्थिति 2 से 3 दिनों तक बनी रहती है, तो उसे शीतलहर कहा जाता है. शीतलहर के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जो कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो जाती हैं. वहीं विद्यालय की शिक्षिका अंशुमला ने कहा कि शीतलहर का सबसे अधिक खतरा बच्चों और बुजुर्गों को रहता है. अधिक ठंड के कारण श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारियां, बच्चों में अस्थमा, खांसी, निमोनिया, डायरिया जैसे लक्षणों का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने हाइपोथर्मिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति भी बच्चों को सतर्क किया. शिक्षिका ने छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं सुरक्षित रहने के साथ-साथ अपने आसपास के बुजुर्गों को भी ठंड से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करें, ताकि शीतलहर के दौरान जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. साथ ही इस मौसम में फल व सब्जियों का अधिक मात्रा में सेवन करने की सलाह दी गई. कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद थीं.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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