जमुई. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को लक्ष्मीपुर प्रखंड के दिग्घी गांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में ग्रामीणों को दहेज प्रथा, महिलाओं से संबंधित कानून व प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण निषेध अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. कार्यक्रम का संचालन पैनल अधिवक्ता राजकुमार यादव और पाराविधिक सेवक प्रेम कुमार मरांडी ने किया. इस दौरान पैनल अधिवक्ता ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के अधिकारों और उन्हें मिलने वाली निशुल्क विधिक सेवाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया. उन्होंने कहा कि महिलाओं के संरक्षण और सशक्तीकरण के लिए देश में कई कानून बनाये गये हैं. समाज के विकास में महिलाएं बराबरी से योगदान दे रही हैं, इसलिए उन्हें शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक करना जरूरी है. उन्होंने बताया कि दहेज प्रथा, बाल विवाह और प्रसव से पूर्व लिंग जांच को रोकने के लिए कड़े कानून लागू हैं. महिलाओं को शिक्षित और जागरूक बनाकर ही उन्हें सशक्त किया जा सकता है, ताकि वे अपने भविष्य से जुड़े निर्णय स्वयं ले सकें. इस अवसर पर ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि जरूरत पड़ने पर कोई भी महिला जिला विधिक सेवा प्राधिकार से निशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकती है. कार्यक्रम में पंचायत के कई ग्रामीण उपस्थित थे.
विधिक जागरूकता शिविर में महिलाओं से जुड़े कानूनों की दी गयी जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को लक्ष्मीपुर प्रखंड के दिग्घी गांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया.
