जमुई. आपने अक्सर सड़क जाम करने को लेकर पुलिस को कार्रवाई करते हुए देखा होगा, लेकिन जमुई जिले के चंद्रदीप पुलिस का एक वीडियो सामने आया है. इसमें चंद्रदीप थानाध्यक्ष खुद लोगों को सड़क जाम करने के लिए उकसाते दिख रहे हैं. वायरल वीडियो प्रभात खबर के पास भी मौजूद है, लेकिन हम उक्त वीडियो की पुष्टि नहीं करते हैं. मामला चंद्रदीप थाना क्षेत्र का है, जहां विद्युत आपूर्ति की समस्या को लेकर लोग सड़क पर थे. इसी दौरान चंद्रदीप थानाध्यक्ष राजेंद्र साह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह यह कहते हुए दिख रहे हैं कि हम तो खुद ही सड़क जाम करने कह रहे हैं. उसके बाद कनीय विद्युत आपूर्ति प्रशाखा अलीगंज के शैलेश कुमार द्वारा दिए आवेदन पर थाना में 20 नामजद और 50 अज्ञात पर एफआइआर भी दर्ज किया गया. थाना प्रभारी के इस कार्य से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है. वायरल वीडियो सोमवार की बतायी जाती है जो गुरुवार की दोपहर 2:00 बजे सामने आयी है. वायरल वीडियो थाना प्रभारी के कार्य शैली पर सवाल खड़ी कर रही है. भले ही थाना प्रभारी राजेंद्र साह बिगड़ते हालात को काबू में करने और जाम को हटाने के लिए ऐसी बातें कहीं हो, लेकिन यह वीडियो इलाके में सुर्खियां बन गयी है. बताया जाता है कि आढ़ा गांव में शॉर्ट सर्किट की वजह से हाई टेंशन बिजली तार में आग लग गयी थी और ट्रांसफाॅर्मर भी खराब हो गया था. इस वजह से काफी देर तक ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ा. बिजली विभाग द्वारा ट्रांसफाॅर्मर लगाने में विलंब किया जा रहा था. इस वजह से ग्रामीण आक्रोशित हो गये और सड़क पर आ गए थे. ट्रांसफाॅर्मर बदलने की मांग पर ग्रामीण अड़े रहे. इस दौरान ग्रामीणों द्वारा बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया जा रहा था. जाम को हटाने के लिए चंद्रदीप थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस बल जाम स्थल पर पहुंचे थे और आक्रोशित लोगों को समझा बुझा रहे थे. जब आक्रोशित लोग नहीं माने तो थाना प्रभारी द्वारा कहा गया कि हम खुद जाम करने के लिए कह रहे हैं. थाना प्रभारी का यह बोल मोबाइल के कैमरे में कैद हो गया और किसी ने उसे वायरल कर दिया. ग्रामीणों की माने तो जाम हटाने के बाद कनीय विद्युत आपूर्ति प्रशाखा अलीगंज के शैलेश कुमार से अवैध रूप से सड़क जाम करने का आरोप लगाकर एफआइआर दर्ज कर दिया गया. इसमें 12 नामजद और 50 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया. इसे लेकर ग्रामीणों में भी आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों को कहना है कि थाना प्रभारी ने खुद जाम करने के लिए कहा और खुद बिजली विभाग के कर्मी से एफआइआर करवा दिया गया. इस संबंध में थाना प्रभारी राजेंद्र साह ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने के बाद बिजली विभाग द्वारा चार घंटे में ट्रांसफाॅर्मर लगाने की बात कही थी, लेकिन ग्रामीणों द्वारा दो घंटे में ही सड़क को जाम कर दिया गया. ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन ग्रामीण कुछ समझने के लिए तैयार नहीं थे. मेरी बात को गलत तरीके से वायरल किया जा रहा है. बिजली विभाग के द्वारा दिये गये आवेदन के मुताबिक एफआइआर दर्ज किया गया है.
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