Gidhaur School Inspection: गिद्धौर में स्कूल में शिक्षक समय पर पहुंच रहे हैं या नहीं, बच्चों की पढ़ाई किस स्तर पर हो रही है और विद्यालय में साफ-सफाई की व्यवस्था कैसी है. इन सवालों की जमीनी हकीकत जानने के लिए गिद्धौर बीडीओ सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुनील कुमार मंगलवार को औचक निरीक्षण पर पहुंचे. उन्होंने महाराजा चंद्रचूड़ विद्या मंदिर परिसर में संचालित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल और गंगरा उच्च विद्यालय का जायजा लिया.
निरीक्षण के दौरान बीडीओ सीधे क्लासरूम में पहुंचे और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी गतिविधियों को देखा. उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति, उपस्थिति पंजी, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था की भी जांच की. अचानक हुए निरीक्षण से विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों में भी सक्रियता दिखी.
क्लासरूम में बच्चों से पढ़ाई की जानकारी ली
महाराजा चंद्रचूड़ विद्या मंदिर परिसर में संचालित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल में बीडीओ ने अलग-अलग कक्षाओं का निरीक्षण किया. उन्होंने बच्चों की पठन-पाठन गतिविधियों को देखा और यह समझने का प्रयास किया कि कक्षा में पढ़ाई किस तरह संचालित हो रही है.
उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के साथ शिक्षकों से भी बातचीत की. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों और शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझना रहा.
समीक्षा बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर
निरीक्षण के बाद बीडीओ सुनील कुमार ने विद्यालय प्रधान पुष्पा कुमारी और सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
बीडीओ ने कहा कि केवल नियमित कक्षा संचालन पर्याप्त नहीं है. बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए शिक्षण के तरीकों में भी बदलाव जरूरी है. उन्होंने शिक्षकों से नवाचार और एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग पर विशेष जोर देने को कहा.
कमजोर विद्यार्थियों के लिए चलेगी विशेष कक्षा
बीडीओ ने विद्यालय में कमजोर छात्र-छात्राओं की पहचान कर उनके लिए विशेष कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे की पढ़ाई केवल इसलिए पीछे नहीं रहनी चाहिए कि वह अन्य विद्यार्थियों की तुलना में किसी विषय को समझने में अधिक समय लेता है.
ऐसे विद्यार्थियों पर अतिरिक्त ध्यान देकर उनकी शैक्षणिक स्थिति में सुधार लाने की जरूरत है. विशेष कक्षाओं के माध्यम से बच्चों की कमजोरियों को दूर करने का प्रयास किया जाना चाहिए.
खेल और डिजिटल माध्यम से पढ़ाई को बनाने की पहल
सुनील कुमार ने शिक्षकों को पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि बच्चों को लगातार केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए.
उन्होंने डिजिटल माध्यमों का भी अधिक प्रभावी इस्तेमाल करने पर जोर दिया. उनके अनुसार, तकनीक और गतिविधि आधारित शिक्षण के जरिए बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और रचनात्मकता बढ़ाई जा सकती है.
‘स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण की प्रयोगशाला’
बीडीओ ने कहा कि विद्यालय सिर्फ शिक्षा देने की जगह नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य निर्माण की प्रयोगशाला है. यहां बच्चों को विषय की जानकारी देने के साथ उनकी सोच, रचनात्मकता और आत्मविश्वास विकसित करने की भी जिम्मेदारी है.
उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की जरूरतों को समझते हुए पढ़ाने और विद्यालय में ऐसा वातावरण तैयार करने की अपील की, जिससे विद्यार्थी पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित कर सकें.
Gidhaur School Inspection: औचक निरीक्षण से शिक्षा व्यवस्था पर निगरानी का संकेत
बीडीओ के औचक निरीक्षण को विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी से जोड़कर देखा जा रहा है. निरीक्षण के दौरान पढ़ाई, उपस्थिति, स्वच्छता और विद्यालय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली गयी.
इस मौके पर विद्यालय प्रधान पुष्पा कुमारी, गंगरा उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार, समाजसेवी सह मुखिया प्रतिनिधि कल्याण सिंह सहित विद्यालय के दर्जनों शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे.
