गिद्धौर में बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, सेवा रेल पुलिया पर 3 फीट तक पानी, दर्जनों गांवों का रास्ता प्रभावित

गिद्धौर में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने सेवा रेल पुलिया संख्या 726 पर 2 से 3 फीट तक पानी जमा कर दिया है. इससे दर्जनों गांवों के लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है, खासकर स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह जलजमाव एक बड़ी मुसीबत बन गया है. स्थानीय ग्रामीण इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.

Giddhaur railway bridge: गिद्धौर. लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने गिद्धौर रेलवे स्टेशन के पास स्थित सेवा रेल पुलिया संख्या 726 की परेशानी फिर बढ़ा दी है. पुलिया पर करीब दो से तीन फीट पानी जमा हो गया है. ऐसे में इस रास्ते से होकर आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर स्कूली बच्चों, पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए जलजमाव मुसीबत बन गया है.

बारिश थमने के बाद भी पुलिया पर जमा पानी आसानी से नहीं निकलता है. यही वजह है कि हर साल बरसात के मौसम में यह रास्ता लोगों के लिए चुनौती बन जाता है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि समस्या नई नहीं है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है.

दर्जनों गांवों के लोगों की आवाजाही इसी रास्ते से

सेवा रेल पुलिया संख्या 726 से सेवा, कुड़ीला, थड़घटिया, रामकुराव, गोबिंदपुर, धमना, कुराव और पूर्वी गूगलडीह समेत कई गांवों के लोग गिद्धौर मुख्यालय की ओर आते-जाते हैं.

इन गांवों के लोगों के लिए यह रास्ता रोजमर्रा की आवाजाही का महत्वपूर्ण माध्यम है. ग्रामीणों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और प्रखंड मुख्यालय से जुड़े जरूरी कामों के लिए इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है.

पुलिया पर पानी जमा होने के बाद लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है. दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है, क्योंकि पानी की गहराई और सड़क की स्थिति का सही अंदाजा लगाना आसान नहीं होता.

स्कूली बच्चों और बाइक सवारों को सबसे ज्यादा परेशानी

पुलिया पर जलजमाव का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है. रोज स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. कई अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी जमा रहने के कारण दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा भी बढ़ जाता है. बरसात के दौरान कई बार छोटे वाहन असंतुलित होकर दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि पानी भरने के बाद पुलिया से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है. इसके बावजूद आसपास के गांवों के लोगों को जरूरी काम के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है.

हर बरसात में दोहराती है जलजमाव की समस्या

ग्रामीणों के मुताबिक सेवा रेल पुलिया पर जलजमाव की समस्या हर वर्ष बरसात में सामने आती है. बारिश होने के बाद पुलिया पर पानी जमा हो जाता है और लोगों की परेशानी शुरू हो जाती है.

गणेश यादव, तुलसी यादव, रंजीत साव, परमेश्वर पंडित, बासुदेव पंडित, दीपक मोदी, चंदन पासवान और राजकुमार रावत समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है. उनका कहना है कि बारिश के दिनों में पुलिया पर पानी जमा होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है.

ग्रामीणों के अनुसार, कई बार छोटे वाहन पानी के बीच से गुजरने के दौरान फिसल जाते हैं. इससे वाहन चालकों को चोट लगने के साथ दुर्घटना का खतरा बना रहता है.

Giddhaur railway bridge: स्थायी समाधान की मांग, रेल और जिला प्रशासन से उम्मीद

स्थानीय ग्रामीणों ने जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है. उनका कहना है कि हर साल बारिश के समय पुलिया पर पानी भरने से लोगों को परेशानी होती है. ऐसे में केवल पानी कम होने का इंतजार करने के बजाय जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था जरूरी है.

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के साथ रेल प्रशासन से भी इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है. उनका कहना है कि पुलिया कई गांवों की आवाजाही से जुड़ी है, इसलिए बरसात के दौरान यहां जलजमाव रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए.

फिलहाल लगातार बारिश के कारण पुलिया पर पानी जमा है. यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो जलजमाव और बढ़ने की आशंका है. ऐसे में स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन और रेल प्रशासन की कार्रवाई पर है.

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लेखक के बारे में

By कुमार सौरभ

कुमार सौरभ प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. गिद्धौर (जमुई) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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