Jamui Murder Verdict: जमुई. वर्ष 2023 में आजाद नगर मोहल्ले में हुई मो. शादाब आलम उर्फ गुड्डू की हत्या के मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ प्रभात कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने मो. संजर, मो. अब्दुल्लाह, मो. आमिर और मो. आमिर उर्फ गोरु को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही सभी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. न्यायालय ने मो. संजर को आर्म्स एक्ट के मामले में भी अलग से सजा सुनायी है.
दोस्त को घर से बुलाकर की थी हत्या
अभियोजन के अनुसार चारों दोषी 8 जनवरी 2023 को मो. शादाब आलम उर्फ गुड्डू को उसके घर से अपने साथ लेकर निकले थे. इसके बाद जमुई शहर के आजाद नगर मोहल्ले में वार्ड पार्षद डीसू मियां के घर के समीप सड़क पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गयी थी.
भाई के बयान पर दर्ज हुआ था मामला
मृतक के भाई मो. सरफराज आलम के फर्द बयान पर जमुई थाना कांड संख्या 19/23 दर्ज किया गया था. उन्होंने पुलिस को बताया था कि घटना वाले दिन शाम करीब 5 बजे उन्होंने अपने भाई को 50 हजार रुपये रखने के लिए दिए थे. उसी समय चारों आरोपी वहां पहुंचे और शादाब को अपने साथ ले गए. शाम करीब 7 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है.
वार्ड पार्षद का चुनाव भी लड़ चुका था शादाब
अभिलेखों के अनुसार मृतक मो. शादाब आलम वर्ष 2023 में नगर परिषद के वार्ड पार्षद पद का चुनाव भी लड़ चुका था. उसकी हत्या के बाद यह मामला जिले में काफी चर्चित रहा था.
दोनों पक्षों की दलीलों के बाद आया फैसला
Jamui Murder Verdict: मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक धीरज कुमार एवं अपर लोक अभियोजक मो. ताहिर अंसारी ने पक्ष रखा. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सीताराम सिंह, सत्यजीत कुमार और साकिब जफर ने अपनी दलीलें पेश कीं. उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी.
