-7 पूर्व सीओ, 8 राजस्व अधिकारी और 15 राजस्व कर्मियों की संलिप्तता पायी गयी
झाझा. अंचल क्षेत्र में बीते एक दशक से अधिक समय से चल रहे सरकारी जमीन की अवैध नामांतरण के बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. जांच में करीब 100 मामलों में गैरमजरूआ (सरकारी) भूमि का अवैध नामांतरण किये जाने की पुष्टि हुई है. इस मामले में 7 पूर्व सीओ, 8 राजस्व अधिकारी और 15 राजस्व कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आयी है. फिलहाल, एक पूर्व सीओ समेत तीन लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.मामले को लेकर वर्तमान सीओ निशा सिंह ने झाझा थाना में पूर्व सीओ अमित कुमार रंजन, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी सह प्रभारी राजस्व अधिकारी अवधेश कुमार तथा रामानंद दास के विरुद्ध आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करायी है.जानकारी के अनुसार, जिले के डीएम श्री नवीन को सरकारी भूमि के अवैध नामांतरण की सूचना मिली थी. इसके बाद 27 फरवरी को एक उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन कर अंचल कार्यालय में जांच करायी गयी. जांच टीम में अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), अपर समाहर्ता, डीटीओ, जिला पंचायती राज पदाधिकारी तथा उपसमाहर्ता भूमि सुधार शामिल थे.टीम ने गैरमजरूआ भूमि से संबंधित दाखिल-खारिज अभिलेख और नामांतरण वादों की गहन जांच की. जांच के दौरान करीब 100 मामलों में सरकारी भूमि का नामांतरण किए जाने की पुष्टि हुई. जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को यह जानकारी थी कि जमीन सरकारी (गैरमजरूआ) है, इसके बावजूद नामांतरण वाद स्वीकृत कर दिया गया. कुछ मामलों में तो पहले अभिलेख में भूमि को सरकारी बताया गया, लेकिन बाद में उसी खाते की जमीन को अलग-अलग रैयतों के नाम नामांतरण कर दिया गया. जांच समिति ने सर्वाधिक अनियमितता के मामले तत्कालीन राजस्व कर्मचारी जवाहर प्रसाद सिंह, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी सह प्रभारी राजस्व अधिकारी अवधेश कुमार और तत्कालीन सीओ अमित कुमार रंजन से जुड़े पाये. इसके बाद समिति ने तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की.
